Chhattisgarh News: बाफना हाउस में युवती की संदिग्ध मौत, गुस्साए लोगों ने किया हंगामा

प्रादेशिक मुख्य समाचार
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला मुख्यालय स्थित जगदलपुर के बहुचर्चित बाफना हाउस व्यावसायिक परिसर में 21 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद मामला बेहद गरमा गया है। शुरुआत में फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला नजर आ रहा यह वाकया अब गंभीर मोड़ ले चुका है। मृतका के परिजनों ने युवती के साथ दुष्कर्म (रेप) करने के बाद बर्बरतापूर्वक उसकी हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे पर लटकाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस घटना के बाद परिजनों सहित स्थानीय वार्डवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को गुस्साए लोगों ने मृतका की तस्वीर हाथ में लेकर बाफना हाउस तक रैली निकाली और जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच एवं न्याय की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती बीते 21 अक्टूबर 2026 से जगदलपुर स्थित बाफना हाउस में काम करने जा रही थी। इस परिसर में कपड़े और ज्वेलरी का बड़ा व्यावसायिक कारोबार होता है। परिजनों के मुताबिक यह बाफना हाउस बस्तर के पूर्व विधायक व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता संतोष बाफना का है। 2 नवंबर 2026 को बाफना हाउस परिसर में युवती का शव जमीन पर संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ पाया गया था।

शव के गले में चुन्नी का आधा टूटा हुआ फंदा लिपटा था, जबकि चुन्नी का शेष हिस्सा ऊपर लटक रहा था। घटना के बाद से ही परिजन इस मौत को आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर रहे थे। परिजनों ने जब अंतिम संस्कार से पूर्व शव की स्थिति देखी, तो उनके संदेह को बल मिला। मृतका की चाची ने मीडिया एवं पुलिस के समक्ष आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार से पहले जब परंपरा के अनुसार शव को नहलाया जा रहा था, तब युवती के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों एवं नोचने के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। चाची का दावा है कि युवती के गुप्त अंग (प्राइवेट पार्ट) के पास अत्यधिक सूजन थी और वहां कॉटन (रूई) भी लगा हुआ मिला। इन निशानों और स्थिति को देखते हुए परिजनों ने आशंका जताई है कि प्रतिष्ठान के भीतर युवती के साथ पहले दुष्कर्म किया गया, विरोध करने पर उसकी हत्या की गई और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को दुपट्टे के फंदे से लटका दिया गया।

घटना से जुड़ी क्रोनोलॉजी बताते हुए मृतका की मौसी ने बताया कि शव मिलने से एक दिन पहले शाम लगभग 6:00 से 6:30 बजे के बीच युवती की परिजनों से फोन पर बात हुई थी। उस दौरान युवती ने बहुत संक्षिप्त बात करते हुए कहा था कि वह अभी व्यस्त है और बाद में बात करेगी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद आने लगा और संपर्क टूट गया। रात करीब 9:30 बजे तक जब युवती अपने घर नहीं पहुंची, तो चिंतित परिजनों ने बाफना हाउस के अन्य स्टाफ से संपर्क किया। स्टाफ कर्मचारियों ने बताया कि युवती शाम 6:30 बजे से ही दुकान में नहीं है और उसका मोबाइल फोन दुकान में ही छूट गया है। इसके बाद स्टाफ के लोग मोबाइल लेकर परिजनों के घर पहुंचे। परिजन अनहोनी की आशंका से बाफना हाउस पहुंचे, लेकिन तब तक प्रतिष्ठान बंद हो चुका था। अगले दिन, यानी 2 नवंबर की सुबह परिजन दोबारा बाफना हाउस पहुंचे और ऊपर जाकर देखा तो युवती का शव जमीन पर पड़ा मिला और गले में टूटा हुआ फंदा था।

इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद मंगलवार को जगदलपुर में जनआक्रोश फूट पड़ा। मृतका के परिजनों, रिश्तेदारों और वार्ड के सैकड़ों निवासियों ने हाथों में युवती की तस्वीर और तख्तियां लेकर एक विशाल विरोध रैली निकाली। ‘बेटी को न्याय दो’ के नारों के साथ रैली शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई बाफना हाउस पहुंची। वहां प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने बाफना हाउस के बाहर रखे गमलों को तोड़ दिया और परिसर के सामने धरना दे दिया। घटना स्थल पर माहौल तनावपूर्ण होता देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। परिजनों और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि बाफना हाउस में लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की डिजिटल फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराई जाए।

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