टीम में रखकर मौका नहीं देना गलत, वैभव सूर्यवंशी के सपोर्ट में आए आकाश चोपड़ा

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज के चार मुकाबले खेले जा चुके हैं। इन चार मैचों में से ईशान किशन के चोटिल होने के कारण वैभव सूर्यवंशी को दो मैचों में खेलने का मौका मिला। जैसे ही ईशान किशन फिट हुए सूर्यवंशी को प्लेइंग XI से बाहर कर दिया गया। वैभव सूर्यवंशी भारत में अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई टी-20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा रहे लेकिन प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली। उन्हें आयरलैंड में भी मौका नहीं दिया गया था। इंग्लैंड में खेली गई पांच मैचों की टी-20 सीरीज में उन्हें तीन मुकाबलों में खिलाया गया था। अभी तक वैभव सूर्यवंशी ने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 10 टी-20 मैच खेले हैं, जिसकी सभी 10 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 29.5 की औसत और 185.54 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 295 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतकीय पारियां खेली हैं।

बिहार के समस्तीपुर से आने वाले 15 वर्षीय वंडर बॉय को लगातार नजरअंदाज किए जाने से पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा नाराज नजर आए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर वैभव को बैकअप बल्लेबाज के रूप में ही रखना है तो उसे घर भेज दिया जाए। अगर आप रोटेशन पॉलिसी को नहीं अपना रहे हैं तो उसके टीम में होने ना होने से क्या फर्क पड़ता है। टीम के ड्रेसिंग रूप में बैठने के बजाय अगर वह घर लौटकर डोमेस्टिक क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करता है तो यह उसके करियर के लिए बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि यह कुछ समय तक सुनने में ठीक लगता है कि आपको ड्रेसिंग रूम में बैठकर भी बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। लेकिन जब इसी तरह बैठे- बैठे सीखने का ज्यादा वक्त गुजर जाए तो फिर सवाल खड़े होते हैं। सिर्फ ड्रेसिंग रूम में बैठकर वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी या कोई भी प्लेयर नहीं सीख सकता उसे मैदान पर उतरना होगा।
आकाश चोपड़ा ने कहीं ये बातें

शुक्रवार को समाप्त हुए चौथे मैच का विश्लेषण करने शनिवार को आए आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा- “पिछले मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में 45 रन बनाए थे और शानदार बल्लेबाजी की थी। उसके बाद सवाल थे कि ईशान फिट होगें तो कौन बाहर जाएगा। वैसे आप दार्शनिक तौर पर सोचेंगे तो समझ आएगा कि आपका कोई बड़ा खिलाड़ी चोट से फिट होने के बाद वापस आया है तो वही बाहर जाएगा जो उसके स्थान पर खेल रहा है- इस केस में वैभव बाहर जाएंगे ईशान की वापसी होगी। मैं यह समझता हूं, लेकिन सीरीज जीतने के बाद तो ये दोनों मैच डेड रबर हैं। इनमें तो आप सबको चांस देते हैं। लेकिन ऐसा नहीं किया।”

उन्होंने आगे कहा- “वैभव सूर्यवंशी को ड्रॉप करने का फैसला बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या कोई पॉलिसी है। क्या वैभव सूर्यवंशी तभी खेलेंगे जब कोई चोटिल होगा या फिर कोई अनुपलब्ध होगा तब खेलेंगे? उसके अलावा उनके खेलने के चांस ही नहीं बनेंगे? उसके अलावा मौका नहीं मिलेगा? और अगर मौका नहीं मिलने वाला है तो उनको आप घर भेज सकते हैं।” “उनसे कहिए- जाइए आप आराम से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलिए तैयार होकर आइए क्योंकि हम आपके लिए जगह नहीं बना पा रहे हैं। आप बैकअप प्लेयर हैं।”

आकाश चोपड़ा ने आगे कहा कि- “बैकअप प्लेयर में होती है बात कि आप ड्रेसिंग रूम में सीख रहे हैं, लेकिन यह सब एक समय तक ही ठीक लगता है। सुनने में अच्छा लगता है। कुछ समय के लिए बात सही भी होती है। लेकिन अगर वह बहुत अधिक समय के लिए होने लग जाए तो फिर आप कहते हैं कि इससे अच्छा तो कहीं दूसरी जगह खेल लेता। बैट में बॉल लगेगी तभी तो कुछ सीखने को मिलेगा। फॉर्मे को मेंटेन रख पाएगा।”

आकाश चोपड़ा ने आगे कहा कि “इस खास युवा खिलाड़ी के लिए टीम मैनेजमेंट को आगे आकर बताना चाहिए कि आपने इनके लिए क्या रोडमैप तैयार किया है। ऐसे अनिश्चिततता के कुहासे में आप नहीं रख सकते। हो सकता है कि उन्होंने बना रखा होगा कोई प्लान, हमें बता ना रहे हों। लेकिन अगर पब्लिक को बता देंगे तो फिर कम से कम सवाल तो नहीं खड़े होंगे।”

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