PM मोदी बोले- सेवा ही संकल्प, विपक्ष को दिया जवाब, किसानों के लिए कही दिल जीतने वाली बात

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अपने दिन की शुरुआत बनासकांठा में एक रोडशो के साथ करने वाले मोदी ने किसानों की एक सभा में कहा कि जब देश खाड़ी क्षेत्र में अनिश्चितताओं और तनाव का सामना कर रहा था, तब उनके विरोधियों ने अफवाहें फैलाईं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे। मोदी का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उस टिप्पणी के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, ”मोदी का बाप भी जाएगा।” प्रधानमंत्री गुजरात के बनासकांठा जिले के भीलड़ी में ‘भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर’ का उद्घाटन करने और 14,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ”जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में ही जुटा रहूंगा।”

विपक्ष पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें देश पर संकट आने पर खुशी होती है। मोदी ने कहा, ”ईरान युद्ध के बाद उन्होंने अफवाहें फैलाईं कि किसानों को खाद नहीं मिलेगी और लोगों को एलपीजी नहीं मिलेगी क्योंकि वे मोदी को बदनाम करना चाहते थे।” उन्होंने कहा कि लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी है और उन्हें सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा, ”वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन हमारी सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया।” पीएम ने बताया कि सरकार ने पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत छोटे किसानों को 4.5 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।

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इस दौरान उन्होंने किसानों को याद दिलाया कि वे उनके साथ खड़े रहने के अपने वादे पर कायम हैं। साथ ही, उन्होंने 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी की। मोदी ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन सरकार ने खाद की बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि हर कोई भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहा है। अपने गृह राज्य गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आए मोदी ने कहा, “लेकिन कुछ लोगों को यह पसंद नहीं है। ये वे लोग हैं जो देश को संकट में देखना चाहते हैं। जब वे देश को संकट में देखते हैं, तो उन्हें खुशी होती है।”

अपने दिन की शुरुआत बनासकांठा में एक रोडशो के साथ करने वाले मोदी ने किसानों की एक सभा में कहा कि जब देश खाड़ी क्षेत्र में अनिश्चितताओं और तनाव का सामना कर रहा था, तब उनके विरोधियों ने अफवाहें फैलाईं। उन्होंने खाद की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया के एक बैग की कीमत 3,000 रुपये है, जबकि भारतीय किसानों को यह उस कीमत के दसवें हिस्से से भी कम, यानी 300 रुपये प्रति बैग से भी कम दाम पर मिल जाता है। मोदी ने बताया कि डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की अंतरराष्ट्रीय कीमत 5,000 रुपये प्रति बैग है, लेकिन भारतीय किसानों को यह 1,350 रुपये में ही मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार इस अतिरिक्त लागत का बोझ खुद उठा रही है, ताकि किसान बेहतर और अधिक समृद्ध जीवन जी सकें। पांच योजनाओं का हवाला देते हुए पीएम ने कहा, “हाल के वर्षों में, हमारी सरकार की नीतियों की बदौलत किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है या उनकी इतनी बचत हुई है।” उन्होंने बताया कि अकेले ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) योजना के तहत छोटे किसानों के बैंक खातों में लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।

पीएम मोदी ने बताया कि ‘स्वीट रिवोल्यूशन’ (मीठी क्रांति) के तहत पिछले 12 वर्षों में शहद का उत्पादन दोगुना हो गया है। उन्होंने एक ऐसी महिला का जिक्र किया जो 35 लाख रुपये का शहद बेचती है। पीएम ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली शपथ लेने और सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने को याद करते हुए कहा, “ऐसा लगता है जैसे कल की ही बात हो, जब मैंने अक्टूबर 2001 में पहली बार शपथ ली थी। आप लोगों ने मुझ पर बहुत प्यार बरसाया… जब गुजरात के लोग मुझे ‘हमारे नरेंद्रभाई’ कहकर बुलाते हैं, तो मेरा सीना गर्व से फूल जाता है।” उन्होंने अपनी साधारण पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार शपथ ली थी, तब उन्हें सरकारी दफ्तरों और फाइलों के बारे में कुछ भी पता नहीं था।

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