LPG Petrol Diesel Price: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता बेनतीजा रही। जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी का आदेश दे दिया। जिसके बाद ईरान ने भी अमेरिका को धमकी भरे अंदाज में जवाब दिया है। अगर यह तनाव बढ़ता है तो उसका असर भारत जैसे देशों पर प्रमुख तौर पर पड़ेगा। सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या आने वाले समय में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया जाएगा?
सरकार पर बढ़ रहा है दबाव
भारत कच्चा तेल और गैस को अन्य देशों से आयात करता है। उसमें से भी एलपीजी तो प्रमुख तौर पर खाड़ी के देशों से ही मंगाई जाती है। युद्ध शुरू होने के बाद भारत अपने कुछ एलपीजी टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लाने में सफल रहा है। लेकिन अगर अमेरिकी नाकेबंदी बढ़ती है तो भारत के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। जिससे केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ेगा।
लगातार बढ़ रहा है कॉमर्शियल LPG सिलेंडर का रेट
1 अप्रैल को कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट में 195 रुपये से 218 रुपये तक का इजाफा किया गया था। कीमतों को बढ़ाए जाने की वजब से दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर का रेट 2078.50 रुपये तक पहुंच गया। वहीं, 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 51 रुपये की बढ़ोतरी तब की गई थी। बता दें, 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट में भी इजाफा किया गया था। तब दिल्ली में 60 रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। हालांकि, उसके बाद एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली थी।
पेट्रोल और डीजल का क्या?
युद्ध के शुरू होने से पहले कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। लेकिन अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। कच्चे तेल के रेट में हुए इजाफे की वजह से तेल मार्केटिंग कंपनियों के ऊपर दबाव बढ़ा है। पिछले दिनों सरकार ने राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। बता दें, नायरा और शेल इंडिया ने पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा कर दिया है। अब देखना है कि सरकार तेल कंपनियां कीतनें दिनों तक इस बढ़े बोझ को उठाती हैं।
अमेरिका और ईरान के दूसरे राउंड की बातचीत?
पहले राउंड की असफल बातचीत के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की बातचीत 16 अप्रैल को हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देश बातचीत को लेकर सहमत हो गए हैं। हालांकि, इस बैठक को लेकर कोई स्पष्टता अब तक नहीं आई है।
