नयी दिल्ली, चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में छूट गए पात्र मतदाताओं के नामों को फिर से शामिल करने के लिए उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्य चुनाव अधिकारियों, जिला चुनाव अधिकारियों और चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है।
इस निर्देश में खासकर युवाओं और पहली बार मत देने वालों पर अधिक ध्यान देने को कहा गया है। आयोग ने गुरूवार को लिखे एक पत्र में कहा कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को लगातार अद्यतन करने के हिस्से के तौर पर की जाएगी। इसमें उन लोगों की पहचान की जाएगी जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया से पहले की मतदाता सूची में थे लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं। इसके साथ ही नये योग्य मतदाताओं के पंजीकरण में भी मदद की जाएगी।
यह निर्देश पहली अक्टूबर को सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ आयोग की बैठक के बाद और 29 सितंबर की बातचीत के क्रम में आया है। चुनाव आयोग ने पहले कहा था कि बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जिन लोगों के नाम संशोधन के दौरान या बाद में छूट गए थे, उनके अलावा युवा और पहली बार मत देने वाले मतदाता अब अपना नाम शामिल करवा सकते हैं।
नवीनतम निर्देशों के तहत बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) मौजूदा मतदाता सूची की तुलना एसआईआर प्रक्रिया से पहले की सूची से करेंगे और ऐसे मतदाताओं की बूथ-वार सूची तैयार करेंगे जिनके नाम पहले की सूची में थे लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं। बूथ स्तरीय अधिकारियों से कहा गया है कि वे ऐसे लोगों की वर्तमान स्थिति का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर जांच करें और जहां भी वे योग्य पाए जाएं, वहां फॉर्म 6 के माध्यम से उनके पंजीकरण में मदद करें।
आयोग ने बूथ स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं की पहचान करें, ताकि यह प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी हो सके। पहचाने गए हर मतदाता की स्थिति दर्ज की जाएगी, जिसमें यह भी शामिल होगा कि क्या फॉर्म 6 आवेदन जमा किया गया है।
बूथ स्तरीय अधिकारियों को घर-घर जाकर जांच के दौरान यह भी निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी अन्य योग्य मतदाता की पहचान करें और उनके पंजीकरण में मदद करें जो शायद छूट गए हों, जिसमें पहली बार मत देने वाले और युवा मतदाता भी शामिल हैं। बूथ स्तरीय अधिकारी द्वारा तैयार की गई सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों के साथ साझा की जाएगी, जबकि ईआरओ को फॉर्म 6 आवेदन और क्षेत्र सत्यापन रिपोर्ट के साथ ये सूची मिलेंगी।
