सुबह उठते ही ज्यादातर लोगों के हाथ में टूथब्रश होता है। लेकिन अगर आपको कभी नीम की दातून करने का मौका मिला है, तो उसका स्वाद और मुंह में आने वाली ताजगी शायद याद होगी। दातून का चलन पुराना जरूर है, लेकिन आज भी कई लोग इसे पसंद करते हैं। खास बात यह है कि नीम की दातून को लेकर सिर्फ पुरानी बातें ही नहीं हैं। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक गुणों की वजह से आज भी लोग इसे अपनी रोज की ओरल केयर में जगह देते हैं।
लेकिन क्या दातून सच में दांतों और मसूड़ों के लिए फायदेमंद है? क्या इसे रोज किया जा सकता है और क्या यह टूथब्रश की जगह ले सकती है? इन सवालों को समझना जरूरी है, खासकर तब जब सोशल मीडिया पर दांतों से जुड़े कई घरेलू नुस्खे तेजी से वायरल होते रहते हैं।
क्या फायदा हो सकता है?
- दांतों की सफाई: दातून को चबाने के बाद जब उसका सिरा नरम हो जाता है, तो उससे दांतों को हल्के हाथ से साफ करें। इससे दांतों पर जमा गंदगी हटाने में मदद मिलती है।
- मसूड़ों की सफाई: दातून को हल्के हाथ से इस्तेमाल करने पर मसूड़ों के आसपास की गंदगी भी साफ होती है। लेकिन मसूड़ों को जोर से रगड़ना सही नहीं है।
- मुंह की बदबू: अगर मुंह की सफाई ठीक से ना हो तो बदबू रहती है। दातून से मुंह साफ करने के बाद कुछ लोगों को मुंह ज्यादा साफ और फ्रेश फील हो सकता है।
- बजट फ्रेंडली तरीका: नीम की दातून के लिए टूथपेस्ट या किसी दूसरे सामान की जरूरत ही नहीं होती। अगर आपके आसपास साफ नीम का पेड़ है, तो इसकी एक छोटी टहनी ही यूज कर लें।
नीम की दातून कैसे करें?
- सबसे पहले नीम की एक साफ और पतली टहनी लें। ध्यान रखें कि उस पर धूल या गंदगी ना लगी हो।
- अब टहनी के एक सिरे को थोड़ा चबाएं। जब वह नरम होकर रेशे जैसा हो जाए, तो उससे दांतों को धीरे-धीरे साफ करें।
- दांतों के आगे और पीछे दोनों तरफ हल्के हाथ से दातून चलाएं। मसूड़ों पर भी इसे बहुत आराम से इस्तेमाल करें।
- दातून करने के बाद पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें।
दातून करते समय इन गलतियों से बचें
- बहुत जोर से ना रगड़ें: इससे मसूड़ों में चोट लग सकती है।
- गंदी टहनी ना लें: धूल या गंदगी वाली टहनी मुंह में ना डालें।
- दातून किसी के साथ शेयर ना करें: यह हाइजीन के हिसाब से सही नहीं है।
- पुरानी दातून दोबारा इस्तेमाल ना करें: हर बार साफ और ताजी टहनी लेना ही बेहतर है।
- दर्द होने पर दातून से इलाज ना करें: दांत में दर्द, मसूड़ों से खून, सूजन या लगातार बदबू हो तो डॉक्टर से मिलें।
क्या सिर्फ दातून से दांत साफ करना काफी है?
अगर आप नीम की दातून इस्तेमाल करते हैं, तब भी दांतों की पूरी देखभाल जरूरी है। दांतों में कीड़ा, मसूड़ों की बीमारी या दूसरी समस्या होने पर सिर्फ दातून से उसे ठीक करने की कोशिश ना करें। नीम की दातून को ऑप्शनल तरीका ही मानें, इसे ब्रश का पक्का विकल्प समझना सही नहीं होगा। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं।
