लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी पर मोहन सरकार का बड़ा फैसला, अगले 5 साल में खर्च होंगे ₹1.30 लाख करोड़

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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं और बेटियों से जुड़ी अपनी प्रमुख योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, सरकार अगले पांच वर्षों में लाड़ली बहना योजना पर 1,14,365 करोड़ रुपये और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16,326 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन दोनों योजनाओं को महिला सशक्तिकरण और बालिका कल्याण की दिशा में सरकार की प्रमुख पहल माना जाता है।

बैठक में कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के विस्तार के साथ-साथ किसानों, स्वास्थ्य क्षेत्र और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई फैसले शामिल हैं।

लाड़ली बहना योजना को मिला पांच साल का विस्तार

महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें परिवार एवं समाज में अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के विस्तार से बड़ी संख्या में महिलाओं को लगातार लाभ मिलता रहेगा।

लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है और इसे महिला मतदाताओं के बीच भी काफी प्रभावी योजना माना जाता है। सरकार लगातार इसके माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दे रही है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना भी जारी रहेगी

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत बेटियों के जन्म, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

सरकार ने इस योजना के लिए पांच वर्षों के लिए 16,326 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और उनके प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करना है।

नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा मिशन

कैबिनेट बैठक में ‘अविरल निर्मल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को भी मंजूरी दी गई। इस मिशन का उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और सतत प्रवाह को बनाए रखने के लिए काम करना होगा।

नर्मदा मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नदी मानी जाती है और प्रदेश के कई जिलों की जल व्यवस्था इससे जुड़ी हुई है। सरकार का कहना है कि मिशन के माध्यम से नदी संरक्षण के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।

किसानों और स्वास्थ्य योजनाओं का विस्तार

बैठक में किसानों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने किसानों के हित में योजनाओं के विस्तार और सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों के तहत लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है।

सड़क विकास निगम में बनेंगे 35 नए पद

कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इससे सड़क परियोजनाओं के संचालन और प्रबंधन में सुधार आने की उम्मीद है।

सरकार प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। नए पदों के निर्माण से निगम की कार्य क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए।

सरकार का कहना है कि लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है।

राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश में महिला केंद्रित योजनाओं ने सरकार की नीतियों में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। इन योजनाओं के विस्तार से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

कैबिनेट के फैसलों के बाद अब संबंधित विभाग योजनाओं के संचालन और बजट प्रावधानों के अनुसार आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में महिला कल्याण, किसान हित और विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

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