अगर पोर्टफोलियो में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले हफ्ते शुक्रवार यानी 24 अप्रैल को वित्त वर्ष 2026-26 (FY26) की चौथी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित करेगी। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली इस कंपनी का बोर्ड डिविडेंड देने पर भी विचार करेगा। रिलायंस की डिविडेंड हिस्ट्री को देखें तो कंपनी ने 14 अगस्त, 2025 को प्रति शेयर 5.50 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया। इससे पहले, 19 अगस्त, 2024 को 10 रुपये, 21 अगस्त, 2023 को 9 रुपये और 18 अगस्त, 2022 को 8 रुपये का डिविडेंड दिया गया था।
क्या कहा कंपनी ने?
रिलायंस ने कहा- कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक बैठक शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को होनी तय है। इस बैठक में मुख्य रूप से 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और वर्ष के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड ऑडिटेड वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा और मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा, 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के इक्विटी शेयरों पर डिविडेंड देने की सिफारिश की जाएगी। बता दें कि मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। शुक्रवार के ट्रेडिंग सेशन के आखिर में इसका वैल्यूएशन ₹18,47,317 करोड़ रहा।
मार्च तिमाही से क्या उम्मीद?
वैसे तो मार्च तिमाही का आखिरी महीना पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से भारी रुकावटों वाला रहा लेकिन इसके बावजूद रिलायंस पर असर नहीं पड़ेगा। मुकेश अंबानी की रिलायंस से उम्मीद है कि FY26 की चौथी तिमाही में उसका ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस स्थिर रहेगा। इसकी मुख्य वजह रिटेल सेक्टर में स्थिर प्रदर्शन और टेलीकॉम बिजनेस में जारी तेजी है।
ब्रोकरेज का अनुमान?
ब्रोकरेज के अनुमानों के मुताबिक कंसोलिडेटेड एबिटा में सालाना आधार पर (YoY) 10% की स्थिर बढ़त दर्ज होने की उम्मीद है जबकि स्टैंडअलोन आंकड़ा 18% तक बढ़ सकता है। सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि रिलायंस संभवतः ₹47600 करोड़ का कंसोलिडेटेड एबिटा रिपोर्ट करेगा, जो सालाना आधार पर (YoY) 8.5% और तिमाही आधार पर (QoQ) 3.4% अधिक होगा।
इस बीच, O2C एबिटा में सालाना आधार पर 18% और तिमाही आधार पर 8% की बढ़त हो सकती है। इसे अस्थिर माहौल के बावजूद डीजल क्रैक में आए सुधार से मदद मिलेगी। ब्रोकरेज ने कहा कि जियो का रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही लगभग 2.5% बढ़ने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह सब्सक्राइबर बेस में लगभग 0.6% की बढ़ोतरी और ARPU में क्रमिक रूप से लगभग 1% का सुधार होकर ₹216 तक पहुंचना है। रिटेल एबिटा में उछाल आने की उम्मीद है।
