दिल्ली के मालवीय नगर अस्पताल में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना में कई विदेशियों समेत कुल 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। मालवीय नगर के चार मंजिला होटल में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। मैक्स में एक परिजन का इलाज कराने के लिए आए हुए लोग होटल में नाश्ता करने गए थे।
हादसे के बाद होटल में ठहरे हुए लोगों के परिजन मैक्स अस्पताल के बाहर जुट गए। अस्पताल में कुल 39 लोगों को लाया गया था जिनमें 18 की मौत हो चुकी थी। दिल्ली के महावीर एनक्लेव निवासी प्रेम बंसल भी जब यहां पहुंचे तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बंसल ने बताया कि घटना में उनके बेटी-दामाद और उनके परिवार के 8 लोगों की एक साथ जान चली गई। प्रेम बंसल के दामाद विवेक अग्रवाल गुरुग्राम के सेक्टर 46 के रहने वाले थे।
पेशे से सीए विवेक अग्रवाल सेक्टर-46 के मकान नंबर 3169 में परिवार के साथ रहते थे। इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर विवेक अग्रवाल अपनी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, पिता राधेश्याम अग्रवाल, बेटी जीविशा और वारिया के साथ रहते थे। विवेक के पिता राधेश्याम की तबीयत खराब होने पर उनको दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
बुधवार को विवेक के मौसा-मौसी पिता से मिलने के लिए दिल्ली आए थे। उसके बाद विवेक सुबह साढ़े आठ बजे सभी को लेकर रेस्टोरेंट में नाश्ता करने के लिए गए थे, जहां सभी काल के गाल में समा गए। सेक्टर-46 के आरडब्ल्यूए प्रधान राजकुमार यादव ने बताया कि विवेक अग्रवाल पेशे से सीए थे और काफी सालों से सेक्टर-46 में रह रहे थे। मकान की पहली और दूसरी मंजिल को किराए पर भी दिया हुआ था।
विवेक के साथ पत्नी, बेटियां, मां मौसी… सब जल गए
विवेक अग्रवाल के साथ उनकी पत्नी तर्जनी, बेटियों जीविशा, वारिया, मां प्रेमलता, मौसा अशोक गोयल, मौसी कमला, और परिवार के सदस्य झिमरी अग्रवाल की मौत हो गई है। सिर्फ विवेक के बीमार पिता ही बच गए हैं, जो अस्पताल में भर्ती थे। अब उनकी देखभाल के लिए भी कोई नहीं बच गया।
