कुत्तों के झुंड ने भालू को दौड़ाया, दुम दबाकर भागे दोनों! कांकेर का VIDEO देख दहशत में लोग

प्रादेशिक मुख्य समाचार

कांकेर, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में इन दिनों भालुओं की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रिहायशी इलाकों में भालुओं के पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच अलबेलापारा वार्ड से एक ऐसा CCTV वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।

वीडियो में दो भालू एक घर के मेन गेट से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही दोनों बाहर आते हैं, वहां मौजूद कुत्तों का झुंड उन्हें घेर लेता है। कुत्तों को अपनी तरफ आते देखकर दोनों भालू वहां से तेजी से भाग निकलते हैं।

CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम

अलबेलापारा वार्ड में लगे CCTV कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में देखा जा सकता है कि रात के समय दो भालू एक घर के भीतर से बाहर की तरफ आते हैं।

दोनों भालू जैसे ही मेन गेट पार करते हैं, आसपास मौजूद कुत्ते उनकी तरफ दौड़ पड़ते हैं। कुत्तों का झुंड दोनों को घेरने की कोशिश करता है।

अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद भालू वहां से भागने लगते हैं। कुछ ही देर में दोनों रिहायशी इलाके से दूर निकल जाते हैं।

वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई है।

रोजाना रिहायशी इलाके में पहुंच रहे भालू

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अलबेलापारा वार्ड में भालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। बताया जा रहा है कि भालू आए दिन रिहायशी इलाकों में पहुंचकर घरों और आसपास के सामान में तोड़फोड़ करते हैं।

भालुओं की लगातार मौजूदगी के कारण लोग खासकर रात के समय घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।

वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने से इंसानों और जानवरों के बीच टकराव का खतरा भी बढ़ गया है।

कुछ दिन पहले भालू के हमले में दो ग्रामीणों की मौत

कांकेर में भालुओं की सक्रियता को लेकर चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही जिले में भालू के हमले की गंभीर घटना सामने आई थी।

नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला–लारगांव क्षेत्र में 5 अगस्त को भालू के हमले की घटना बताई गई थी। इस घटना में दो ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि एक ग्रामीण के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

लोगों में बढ़ी चिंता

एक तरफ रिहायशी इलाकों में लगातार भालुओं की मौजूदगी और दूसरी तरफ हाल में हुए हमले की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

लोगों की मांग है कि वन विभाग भालुओं की गतिविधियों पर नजर रखे और रिहायशी इलाकों में उनकी आवाजाही रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए।

हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में लोगों को खुद भालुओं का पीछा करने या उन्हें घेरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अचानक सामने आने पर भालू आक्रामक हो सकते हैं।

वीडियो ने बढ़ाई चर्चा

अलबेलापारा का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन रहा है। वीडियो में जिस तरह कुत्तों का झुंड दोनों भालुओं को खदेड़ता नजर आता है, वह दृश्य लोगों का ध्यान खींच रहा है।

लेकिन इस घटना का दूसरा पहलू भी गंभीर है। कांकेर के रिहायशी इलाकों में भालुओं की बार-बार मौजूदगी इंसान और वन्यजीव के बीच बढ़ते संघर्ष की ओर इशारा करती है।

ऐसे में स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और भालू दिखाई देने पर उसके करीब नहीं जाने की सलाह दी जाती है। वन विभाग की निगरानी और समय पर कार्रवाई से ऐसी घटनाओं में इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *