नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नयी दिशा देने वाले उनके अदम्य साहस और शौर्य को याद करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके त्याग को देश के युवाओं के अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर श्री मोदी ने कहा, “शहीद भगत सिंह जी को उनकी जयंती पर मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। अपने अदम्य साहस और पराक्रम से उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को नयी गति प्रदान की। देश के सम्मान के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने का उनका जज्बा भारत के युवाओं के साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।”
प्रधानमंत्री के इस संदेश में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ भारत के संघर्ष में भगत सिंह के अमिट योगदान और भारतीय युवाओं की पीढ़ियों पर उनके निरंतर प्रभाव का जिक्र किया गया।अट्ठाइस सितंबर, 1907 को अविभाजित भारत (वर्तमान पाकिस्तान) के पंजाब प्रांत स्थित बंगा में जन्मे भगत सिंह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन के सबसे प्रमुख स्तंभों में से एक बनकर उभरे। भारत की स्वाधीनता के प्रति उनकी निष्ठा, क्रांतिकारी विचारों और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने की तत्परता ने उन्हें राष्ट्र के हृदय में सदा के लिए एक अमर स्थान दिलाया।
शहीदेआजम भगत सिंह को उनके साथी क्रांतिकारियों शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के साथ ब्रिटिश औपनिवेशिक हुकूमत ने 23 मार्च, 1931 को लाहौर में फांसी दे दी थी। उस समय उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। उनकी यह शहादत स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुई, जिसने अनगिनत भारतीयों को देश की आजादी के लिए सर्वस्व समर्पित करने को प्रेरित किया।
भगत सिंह का साहस, देशभक्ति और राष्ट्रीय मुक्ति के प्रति समर्पण आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान को याद करने के लिए हर वर्ष उनकी जयंती मनायी जाती है। अपनी श्रद्धांजलि में श्री मोदी ने इस महान क्रांतिकारी के त्याग और दृढ़ संकल्प को भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत बताया।
