रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए नगर पालिक निगम ने मांस-मटन की बिक्री को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। निगम के पूरे क्षेत्र में निर्धारित पांच दिनों तक पशुवध गृह और सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखा जाएगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि तय तारीखों पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में धार्मिक पर्वों के दौरान पशुवध गृह और मांस-मटन दुकानों को बंद रखने की तारीखें निर्धारित की गई हैं। आदेश के अनुसार श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर, पर्युषण पर्व के अंतिम दिवस पर 15 सितंबर, डोल ग्यारस पर 22 सितंबर, अनंत चतुर्दशी पर 25 सितंबर और पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा के अवसर पर 26 सितंबर 2026 को निगम क्षेत्र में पशुवध गृह और सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी।
निगम ने इन तारीखों पर आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जोन स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। जोन स्वास्थ्य अधिकारी और जोन स्वच्छता निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में मांस-मटन की दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित दिनों में पशुवध गृह और मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह बंद रहे। निगम के आदेश के मुताबिक केवल दुकानों तक ही निगरानी सीमित नहीं रहेगी। महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों पर भी नजर रखेगी। धार्मिक पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल, प्रतिष्ठान या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते हुए पाया जाता है, तो मौके पर ही संबंधित सामग्री जब्त की जाएगी। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी। निगम ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने जोन में आदेश का प्रभावी पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम के इस आदेश के बाद शहर में मांस-मटन का कारोबार करने वाले दुकानदारों को निर्धारित तारीखों का पालन करना होगा। आदेश में पांच अलग-अलग धार्मिक अवसरों का उल्लेख किया गया है, जिनमें अलग-अलग तारीखों पर मांस-मटन की बिक्री बंद रखने का निर्णय लिया गया है। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर दुकानें बंद रहेंगी। इसके अगले दिन 15 सितंबर को पर्युषण पर्व के अंतिम दिवस के कारण भी मांस-मटन विक्रय पर रोक रहेगी। इसके बाद 22 सितंबर को डोल ग्यारस और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दुकानें बंद रहेंगी। वहीं 26 सितंबर को पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा के अवसर पर भी पशुवध गृह और मांस-मटन विक्रय की दुकानें बंद रखने का आदेश है। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दिनों में नियमों का
उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्षेत्रों में दुकानों और प्रतिष्ठानों की निगरानी करें और आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं। इस आदेश का उद्देश्य निर्धारित धार्मिक पर्वों के दौरान निगम क्षेत्र में पशुवध और मांस-मटन की बिक्री को प्रतिबंधित रखना है। निगम की ओर से संबंधित अधिकारियों को आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
