जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में निवेश पर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ग्रामीणों से ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बगीचा और सन्ना क्षेत्र में सक्रिय “hedgexfund (हेडजेक्सफंड)” नामक कथित नेटवर्क कंपनी के जरिए लोगों को निवेश के नाम पर फंसाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि ठगी की कुल रकम लाखों में होने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे मामले की शुरुआत थाना बगीचा में दर्ज एक शिकायत से हुई। ग्राम
कापू टोली निवासी उर्मिला बाई (26 वर्ष) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2023 में आरोपियों ने उनके परिवार से संपर्क कर उन्हें तीन माह में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। निवेश को आकर्षक दिखाने के लिए उन्हें आईडी-पासवर्ड देकर वॉलेट में रकम डॉलर के रूप में दिखाया जाता था, जिससे लोगों को भरोसा हो जाए।
झांसे में आकर उर्मिला बाई ने अलग-अलग समय पर कुल 1 लाख 70 हजार रुपए नकद और ऑनलाइन माध्यम से निवेश किए। वहीं उनकी मां चंद्रमणि बाई ने भी 40 हजार रुपए निवेश किया। कुछ समय बाद जब वॉलेट बंद हो गया और पैसे वापस नहीं मिले, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने बगीचा और सन्ना क्षेत्र के कई ग्रामीणों को इसी तरह झांसे में लेकर बड़ी रकम की ठगी की है। शुरुआती जांच में ठगी का दायरा बढ़ने की संभावना जताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शिवशंकर राम, मीनी बाई, कालेश्वर राम, अनिल लकड़ा, शिवनाथ राम और नीरा सिंह शामिल हैं।
इनमें से पांच आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी शिवशंकर राम को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य पीड़ित सामने आ सकते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी शिवशंकर राम के कब्जे से एक टोयोटा टायजर कार (क्रमांक JH-01FU-9460) भी जब्त की है। अधिकारियों के अनुसार, यह संपत्ति और लेन-देन से जुड़े अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।
इस कार्रवाई में एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, एएसआई अनिल कुमार कामरे, नरेश मिंज और महिला आरक्षक लीलावती यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच अभी जारी है और ठगी की कुल राशि तथा पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रहे ऑनलाइन निवेश फ्रॉड और नेटवर्क मार्केटिंग आधारित ठगी के खतरों को उजागर करता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ज्यादा लाभ वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें और ऐसे मामलों की तुरंत सूचना दें।
