जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व नक्सली और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र के मुंबई से फरार आरोपी को दबोचा, जबकि उसके सहयोगी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। मामले में पुलिस ने INSAS राइफल, देसी राइफल, कट्टा, जिंदा कारतूस और तलवार सहित कई हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर हथियारों के दम पर ग्रामीणों से अवैध वसूली और लूटपाट करने का आरोप है। मामले की जांच अभी जारी है और झारखंड पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि 11 जून को सूचना मिली थी कि बूमतेल के सरनाटोली जंगल में दो हथियारबंद व्यक्ति लोगों को धमकाकर पैसे वसूल रहे हैं।
सूचना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया। तलाशी के दौरान आरोपी तो नहीं मिले, लेकिन जंगल से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए।
जंगल से मिले ये हथियार
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने बरामद किए:
- एक INSAS राइफल
- एक देसी राइफल
- एक देसी कट्टा
- 6 जिंदा कारतूस
- एक तलवार
इसके बाद कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आए दोनों आरोपियों के नाम
पुलिस जांच में आरोपियों की पहचान झारखंड के गुमला जिले के रहने वाले:
- हृदय साहू उर्फ मांगू
- पलटू दास (36 वर्ष)
के रूप में हुई।
पुलिस ने हृदय साहू को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया, जबकि पलटू दास फरार हो गया था।
मुंबई में छिपा था फरार आरोपी
मुखबिर और साइबर टीम की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि पलटू दास मुंबई में छिपा हुआ है। इसके बाद जशपुर पुलिस की टीम ने मुंबई पहुंचकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जशपुर लाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है।
प्रेमी जोड़े और ग्रामीणों से लूट का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हथियारों के दम पर:
- एक प्रेमी जोड़े को बंधक बनाकर उनके परिजनों से 30 हजार रुपये वसूले।
- जंगल में मशरूम चुनने गए ग्रामीणों से भोजन और 5 हजार रुपये लूट लिए।
इन घटनाओं के बाद पुलिस ने इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया, जिसके चलते आरोपी हथियार छोड़कर फरार हो गए थे।
10 साल की उम्र में आया था नक्सलियों के संपर्क में
पूछताछ में पलटू दास ने बताया कि उसका गांव पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र में था। वह करीब 10 साल की उम्र में नक्सलियों के संपर्क में आया और संगठन से जुड़ गया था। बाद में पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण उसने संगठन छोड़ दिया।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी के वर्तमान में किसी नक्सली संगठन से संबंध हैं या नहीं।
2012 में नक्सलियों के डंप से हथियार निकालने का दावा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने बरामद INSAS राइफल और अन्य हथियार वर्ष 2012 में कथित तौर पर नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाए गए हथियारों के जखीरे से हासिल किए थे।
पुलिस के अनुसार, इन हथियारों को उसने बूमतेल के जंगल में गड्ढा खोदकर छिपा रखा था और हाल ही में उन्हें बाहर निकालकर उपयोग के लिए तैयार किया था।
पुलिस जांच जारी
जशपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस झारखंड पुलिस के साथ समन्वय कर आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि और संभावित नक्सली संबंधों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
