गजेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग एक बड़ा तंत्र है, जहां हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में किसी एक स्तर पर हुई कथित चूक के लिए मंत्री से इस्तीफा मांगना सही परंपरा नहीं है।
गजेंद्र यादव ने क्या कहा?
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि कोई भी मंत्री अपने विभाग में पेपर लीक जैसी घटना नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में कई स्तरों पर काम होता है और यदि कहीं गड़बड़ी होती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल एक घटना के आधार पर मंत्री को दोषी ठहराना उचित नहीं माना जा सकता।
धर्मेंद्र प्रधान के कामों की सराहना
गजेंद्र यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार उनके नेतृत्व में किए गए।
उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का उल्लेख करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान की अहम भूमिका रही है।
उनके अनुसार:
- नई शिक्षा नीति लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई सुधार किए गए।
- छात्रों के हित में कई नई पहल शुरू की गईं।
- शिक्षा प्रणाली को समय के अनुरूप बनाने का प्रयास किया गया।
“इस्तीफा वापस लेना चाहिए”
गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का अनुभव और शिक्षा क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनका मानना है कि उन्हें अपना इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की कथित गलती के कारण पूरे विभाग के मुखिया को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशभर में अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ नेताओं ने इसे जवाबदेही की दिशा में कदम बताया है, वहीं कुछ नेताओं का मानना है कि पूरे मामले की जिम्मेदारी केवल मंत्री पर डालना उचित नहीं है।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का यह बयान भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान से अपना इस्तीफा वापस लेने की अपील की है।
