नई दिल्ली। कमोडिटी बाजार में 20 से 24 जुलाई का सप्ताह सोने और चांदी के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बाजार से जुड़े संकेतों ने कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित किया। हालांकि, सप्ताह के अंत तक सोने और चांदी दोनों में साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के कारण निवेशकों की नजर सुरक्षित निवेश विकल्पों पर बनी रही। इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
शुक्रवार को MCX पर 5 अगस्त वाला सोना 245 रुपये की तेजी के साथ 1,42,821 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में करीब 2 हजार रुपये की गिरावट देखने को मिली और सोना लगभग 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो कॉमेक्स पर सोना 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4053 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ। बुलियन बाजार के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,43,750 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार 24 कैरेट यानी 999 शुद्धता वाला सोना 1,42,757 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा।
चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह मजबूत तेजी देखने को मिली। शुक्रवार शाम तक चांदी का भाव 6,974 रुपये बढ़कर 2,22,721 रुपये प्रति किलो हो गया। इससे पहले चांदी 2,15,474 रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी। विशेषज्ञों के अनुसार औद्योगिक मांग और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण चांदी में भी तेजी का माहौल बना हुआ है।
कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के अनुसार, पूरे सप्ताह सोने और चांदी ने अच्छा प्रदर्शन किया। सोने ने इस दौरान 1,46,000 रुपये का उच्च स्तर और 1,41,081 रुपये का निचला स्तर देखा। सप्ताह के अंत में सोना 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,43,106 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं चांदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। चांदी ने सप्ताह के दौरान 2,28,984 रुपये का उच्च स्तर और 2,17,325 रुपये का निचला स्तर बनाया। अंत में चांदी 2.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,22,138 रुपये के स्तर पर बंद हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार पर असर डाला है। इस सप्ताह WTI क्रूड ऑयल में करीब 10.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 91.65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
हालांकि, युद्ध जैसे हालात के बावजूद सोने में आम निवेशकों की ओर से उतनी सुरक्षित निवेश मांग नहीं दिखाई दी, जितनी आमतौर पर संकट के समय देखी जाती है। लेकिन दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीदारी ने कीमतों को सपोर्ट दिया है।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोने और चांदी में ऊंचे स्तरों से मुनाफावसूली देखने को मिली। अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर बिकवाली की।
अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी। अगर फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत देता है तो सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं नरम रुख रहने पर कीमतों को मजबूती मिल सकती है।
सोने के लिए 1,41,000 और 1,38,000 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,45,000 और 1,47,000 रुपये पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है। वहीं चांदी में 2,16,000 और 2,10,000 रुपये सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,26,000 और 2,32,000 रुपये पर रुकावट आ सकती है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों में जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर निवेश करें। ट्रेडर्स के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस के आधार पर रणनीति बनाना बेहतर रहेगा। बाजार में तेजी के दौरान मुनाफावसूली और गिरावट के समय सावधानी से खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है।
