गर्मी-बरसात का मौसम कई बीमारियां लेकर आता है और उसी में से एक है चिकनपॉक्स। इन दिनों बच्चों से लेकर बड़ों तक को चिकनपॉक्स हो रहा है और इसके लक्षण ऐसे हैं कि लोग शुरू में समझ नहीं पाते हैं। इसमें तेज बुखार आ जाता है और फिर शरीर में छोटे-छोटे लाल दाने निकल आते हैं। बच्चों के लिए चिकनपॉक्स ज्यादा तकलीफदेह होती है, इसमें शरीर में दर्द, भूख की कमी, कमजोरी भी लगने लगती है। अगर आपके घर में भी छोटे बच्चे हैं, तो थोड़ा सावधान रहिए। बुखार होने पर उसे सिर्फ वायरल न समझें बल्कि कुछ लक्षणों पर गौर करें। चलिए आपको चिकनपॉक्स के शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके बताते हैं।
चिकनपॉक्स को धर्म से जोड़ा गया
पीडियाट्रिशियन डॉक्टर सौरभ राठी का कहना है कि कई जगहों पर चिकनपॉक्स को धर्म से जोड़कर देखा जाता है और ऐसा होने पर कहते हैं कि माता आई है। ऐसे में लोग खुद ही कई जतन करने लगते हैं और डॉक्टर के पास नहीं आते। अगर ट्रीटमेंट लिया जाए तो इसे 3-4 दिन में ठीक किया जा सकता है, ऐसे इसे सही होने में करीब 7-8 दिन लग जाते हैं।
तेज बुखार से होती है शुरुआत
चिकनपॉक्स की शुरुआत तेज बुखार के साथ होती है। शरीर में करीब 100.4°F से 102.2°F तक का बुखार चढ़ता है, जो बढ़ भी सकता है। अक्सर लोग इसे वायरल फीवर समझ लेते हैं और कई केसेस में दाने होने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। चिकनपॉक्स शरीर पर तेजी से फैलते हैं।
कुछ लक्षण और भी हैं
- चकत्ते वाले छाले- जो लाल या भूरे रंग के होते हैं।
- चेहरे, छाती, पीठ और खोपड़ी से होती है शुरुआत।
- ज्यादा होने पर मुंह के अंदर, पलकों पर भी दाने निकल सकते हैं।
- गले में खराश
- शरीर में तेज दर्द-ऐंठन
चिकनपॉक्स होने पर क्या करें
डॉक्टर का कहना है कि शुरुआत में ही इलाज मिलने पर परेशानी कम हो सकती है। कई बार तेज बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है और निमोनिया भी हो सकता है। बस ध्यान रखें कि चिकनपॉक्स के मरीज को बाकि सबसे अलग रखें। चिकनपॉक्स एक दूसरे को फैल सकता है। कुछ और भी प्वॉइंट्स हैं, जिन्हें ध्यान में रखें।
- मरीज के कपड़े अलग धोएं।
- दानों को खुजलाने की गलती न करें।
- बुखार में डिस्प्रिन न लें।
- पानी खूब पिएं
- खांसी, सांस लेने में दिक्कत, सीने या सिर में तेज दर्द होने पर फौरन डॉक्टर से मिलें।
- चिकनपॉक्स ठीक हो जाने पर दानों वाली जगह पर माइल्ड लोशन लगाएं।
