Cyclone Murasu: चक्रवात मुरासु का कहर जारी! छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

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नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का प्रभाव अब कई राज्यों में दिखाई देने लगा है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद यह तूफान आगे बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए अलग-अलग राज्यों में बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। खासतौर पर छत्तीसगढ़ के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासु

IMD के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु ने मंगलवार तड़के सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। यह ओंगोल के आसपास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराया।

लैंडफॉल के दौरान तूफान की स्थिति काफी गंभीर रही। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि कुछ समय में इसकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

मौसम विभाग का अनुमान है कि तट पार करने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर होगा और आगे चलकर गहन अवदाब में बदल जाएगा।

छत्तीसगढ़ के 19 जिलों में यलो अलर्ट

चक्रवात मुरासु का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ रहा है। प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है और कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 19 जिलों और बुधवार को 15 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

इस दौरान कई क्षेत्रों में निम्नलिखित मौसमी परिस्थितियां बन सकती हैं:

  • गरज-चमक के साथ बारिश।
  • कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना।
  • आकाशीय बिजली गिरने का खतरा।
  • 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं।
  • कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका।

विशेष रूप से दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में मौसम का प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है।

4 नवंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 3 से 4 नवंबर के दौरान गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

बारिश और तेज हवाओं के कारण ग्रामीण इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और खुले स्थानों पर रखी वस्तुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश का खतरा

चक्रवात मुरासु का सबसे अधिक प्रभाव तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तेलंगाना के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है।

  • आंध्र प्रदेश के बापटला में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
  • तमिलनाडु के कुड्डालोर में 9 सेंटीमीटर बारिश हुई।
  • तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 12 से 21 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

तेज हवाओं और भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ओडिशा, बंगाल और झारखंड में भी मौसम बदलेगा

चक्रवात के प्रभाव से पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार:

  • ओडिशा: 3 और 4 नवंबर को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना।
  • पश्चिम बंगाल: 3 नवंबर को गंगा के मैदानी और उप-हिमालयी क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
  • झारखंड: 3 और 4 नवंबर को कुछ इलाकों में बारिश की संभावना।
  • अंडमान-निकोबार: 3 से 9 नवंबर के बीच बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
  • सिक्किम: 3 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

इन राज्यों में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश के 11 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण आंध्र प्रदेश के 11 जिलों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का मध्यम जोखिम जताया है।

इन जिलों में शामिल हैं:

  1. प्रकाशम
  2. बापटला
  3. गुंटूर
  4. कृष्णा
  5. एनटीआर
  6. एलुरु
  7. पूर्वी गोदावरी
  8. पश्चिमी गोदावरी
  9. कोनासीमा
  10. काकीनाडा
  11. पलनाडु

यह चेतावनी 4 नवंबर सुबह 11:30 बजे तक के लिए दी गई है।

लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है। तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

चक्रवात मुरासु का दिल्ली-एनसीआर में कोई बड़ा प्रभाव पड़ने का अनुमान नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 6 नवंबर के बीच राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है।

हालांकि सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है।

दिल्ली में संभावित तापमान:

  • अधिकतम तापमान: 27 से 30 डिग्री सेल्सियस।
  • न्यूनतम तापमान: 14 से 17 डिग्री सेल्सियस।
  • दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

बारिश और आकाशीय बिजली से बचने के लिए क्या करें?

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

  • आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
  • तेज हवाओं के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • निचले और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
  • खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा टालें।
  • किसानों को फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।
  • मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें।

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