देहरादून, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे को समृद्धि की गारंटी करार देते हुए मंगलवार को कहा कि इससे उत्तराखंड में बारहमासी पर्यटन को गति मिलने के साथ ही राज्य के विकास को नये आयाम मिलेंगे।
श्री मोदी ने उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों से देव भूमि में पर्यटन में स्वच्छता को बढ़ावा देने का आह्वान किया और कहा कि हरिद्वार में होने वाले कुंभ से लेकर उत्तराखंड में बारहमासी पर्यटन के दौरान स्वच्छता को बढ़ावा मिलना चाहिए और इसमें स्वच्छता को विशेष महत्व दिया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही उंन्होंने देश के सभी दलों और उनके सांसदों से नारी वन्दन विधेयक को 16 अप्रैल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय संसद की बैठक में पारित कराने का भी आग्रह किया और कहा कि इससे देश में नारी शक्ति को बल मिलेगा और 2029 से महिलाओं को सांसद तथा विधानसभाओं में उनका हक जनप्रतिनिधित्व के तहत मिल सकेगा।
श्री मोदी ने आज यहां दिल्ली देहरादून आर्थिक गलियारे के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 213 किलो मीटर लंबे छह लेन के दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे आर्थिक गलियारे के निर्माण में 12000 करोड रुपए का खर्च आया है और इससे उत्तराखंड में विकास के नये आयाम स्थापित किया जा सकेंगे। इस आर्थिक गलियारे के निर्माण से अब दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी 2.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। उनका कहना था कि इस निर्माण कार्य में वन्य जीव संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है और उनकी आवाजाही मैं विकास की कार्यों को बाधक नहीं बनने पट बल दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें याद है कि जब वह बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए आये थे उस दौरान उनके मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा और आज यह युवा राज्य 25 साल का हो चुका है और यहां सचमुच विकास को नयी गति दी जा रही है। उत्तराखंड के विकास की इस रफ्तार में दिल्ली देहरादून आर्थिक गलियारा विकास के नये आयाम जोड़ेगा और पर्यटन के लिहाज से यह परियोजना बहुत अहम होगी।
उन्होंने कहा कि बीते दशक में उनकी सरकार ने विकास के नए आयाम स्थापित किये। उत्तराखंड में तेजी से विकास हो रहा है और राज्य में सवा दो लाख करोड रुपए की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिन गांवों में सड़क के इंतजार में पीढ़ियां गुजर जाती थी वहां अब सरकार तत्काल काम कर रही है और जो गांव पहले विकास के अभाव में वीरान पड़े रहते थे वहां अब चहल पहल हो रही है। उन्होंने सड़कों को विकास की रेखाएं करार दिया और कहा कि सड़कें इस क्षेत्र के विकास के लिए भाग्य रेखा बनकर उभर रही है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विकास की नयी रेखाएं खींची जा रही है और अब देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कई नए इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं जिनमें दिल्ली मुंबई अमृतसर जैसे कई करोड़ का निर्माण कार्य चल रहा है। यह इकोनामिक कॉरिडोर सड़क के अलावा नए-नए व्यापारिक और कारोबारिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। देहरादून दिल्ली इकोनामिक कॉरिडोर से इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। इसका पहला फायदा है इससे सफर जा समय बचेगा और लोग समय पर अपने गंतव्य पर पहुंच सकेंगे, किराया भाड़ा कम होगा, पेट्रोल का खर्च घटेगा और दूसरा फायदा रोजगार का होगा।उनका कहना था कि इसके निर्माण में 12000 करोड रुपए का खर्च जरूर हुआ है लेकिन इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला है म, किसान और पशुपालकों को भी इससे लाभ हुआ है। उत्तराखंड में पर्यटन के विकास के लिए यह प्रमुख मार्ग बनेगा और देहरादून हरिद्वार ऋषिकेश मसूरी और चार धाम यात्रा को इसका लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विकास के लिए बारहमासी पर्यटन व्यवस्था को जरूरी बताया और कहा कि इसके लिए चार धाम परियोजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि 2024 में शीतकालीन यात्रा में करीब 80000 यात्री उत्तराखंड आए थे और 2025 में यह एक लाख पर्यटक संख्या से आगे निकल गई है। उनका कहना था कि विकास तभी सही होता है जब इंसानों को भी फायदा हो और इस विकास में वन्यजीवों को भी फायदा हो। इस कॉरिडोर के निर्माण में वन्यजीवों खासकर हाथियों के संरक्षण और उनकी आवाजाही को स्वच्छंद बनाए रखने का काम हुआ है। अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होना है हमें आस्था के इस संगम को भव्य और स्वच्छ बनाना है और इसके लिए किसी तरह की कोर कसर नहीं छोड़नी है।
नंदा देवी राज जात यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा , “यह यात्रा हमारी परंपरा का जीवंत उदाहरण है, यह यात्रा हमारी बेटी को विदा करने की परंपरा का प्रतीक है। बेटियों की सुविधा, सुरक्षा और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी भाजपा की डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है। पश्चिम एशिया के कारण दुनिया में कितना बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी हाहाकार मचा हुआ है। इतने मुश्किल हालात में भी सरकार का निरंतर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी होगी।”
प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा में उत्तराखंड के लोगों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि यहां देश की रक्षा सुरक्षा से जुड़े कई संस्थान है।शहीद जसवंत सिंह रावत के शौर्य को देश कभी नहीं भुला सकता है। हमारे सैनिक परिवारों को सुविधा देने के लिए उनकी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। पूर्व सैनिकों के खाते नकद पैसे डाले गए हैं। इसके अलावा पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य बजट भी बढ़ाया गया है। पूर्व सैनिकों के लिए दवाइयां की होम डिलीवरी भी शुरू की गई है और उनके बच्चों के लिए विशेष अनुदान भी दुगना किया गया है। बेटियों के विवाह के लिए भी 50000 से बढ़कर 100000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
बाबा साहब अंबेडकर को जयंती पर नमन करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहब आधुनिक विकास को महत्व देते थे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करने का सभी दलों की सांसदों का आवाहन करते हुए उन्होंने कहा कि सांसद तथा विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया अब महिलाओं को यह जो हक मिला है इस हक को लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए और 2029 में लोकसभा के चुनाव से ही यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना है। यह देश की हर बहन बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति को नमन करने का यह अवसर हमें मिला है और 16 अप्रैल से इसके लिए संसद की बैठक बुलाई गई है और सर्वसम्मति से इसे आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा है कि 16, 17, 18 अप्रैल को संसद की बैठक में देश के सभी सांसदों, सभी दलों को नारी शक्ति बंदन अधिनियम को पारित करने में अपना सहयोग देना चाहिए। इससे हमारी माता बहनों और बेटियों को उनका हक मिलेगा।
