चक दे इंडिया के नकली सीन: VFX ने दिखाई कमाल की ताकत, बॉल तक नहीं थी असली!

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साल 2007 में आई शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ सुपरहिट रही थी। एक हॉकी टीम को कोच करने वाले एक्स खिलाड़ी के किरदार में किंग खान ने कमाल कर दिया था। इस फिल्म की IMDb पर रेटिंग 8.1 है और आप इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। फिल्म का हर सीन बहुत इम्पैक्टफुल लगता है, लेकिन क्या आपको यह पता है कि इस मूवी के कई सीन्स में VFX का इस्तेमाल हुआ है। चौंक गए? जी हां, भले ही आपको महसूस न हुआ हो, लेकिन इस फिल्म में कई जगह पर मेकर्स ने VFX का इस्तेमाल किया है। कहां पर? चलिए जानते हैं।

कहां पर हुआ VFX का इस्तेमाल?

दरअसल इस फिल्म में जितने भी बड़े मैच वाले सीन हैं, उनमें स्टेडियम को खचाखच भरा हुआ दिखाया गया है। ये सीन किसी असली ऑडियंस के साथ नहीं फिल्माए गए थे, बल्कि खाली ऑडिटोरियम के शॉट्स पर VFX की मदद से भीड़ को दिखाया गया था। दरअसल इस तरह के सीन्स के लिए अगर एक्ट्राज के साथ शूट करना हो तो मेकर्स को बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ जाएंगे। यही वजह है कि मेकर्स किसी भी मैच में ऑडियंस वाले सीन हमेशा VFX की मदद से तैयार करते हैं। ताकि कम बजट में काम हो जाए और सीन भी देखने में विश्वसनीय लगे। तो इस तरह ‘चक दे इंडिया’ में जहां भी आपको स्टेडियम में भीड़ नजर आती है, वो असल में VFX है।

असली नहीं था क्लाइमैक्स का सीन

सिर्फ ऑडियंस ही नहीं, फिल्म के क्लाइमैक्स में जो आखिरी गोल वाला सीन आपको दिखाया गया है, वो भी असली नहीं था। दरअसल मेकर्स उस शॉट को इतना ड्रमैटिक और इम्पैक्टफुल तरीके से दिखाना चाह रहे थे, जैसा असली बॉल के साथ कर पाना मुमकिन नहीं था। अगर किसी अच्छे हॉकी प्लेयर को बतौर बॉडी डबल इस्तेमाल करके ऐसा करवाया भी जाता, तो भी कई रीटेक लेने होते और फिर भी शायद सीन में वो बात नहीं आ पाती। तो ऐसे में मेकर्स ने शॉट एक्टर के साथ ही किया, बस बॉल नहीं रखी। बाद में VFX की मदद से बॉल तैयार की गई। तो उस सीन में गेंद भी असल में VFX थी।

यहां भी किया गया था VFX का यूज

फिल्म में एक जगह और थी, जहां मेकर्स ने VFX इस्तेमाल किया था। आपने शायद ही नोटिस किया हो, लेकिन फिल्म में जितना साफ सुधरा ग्राउंड दिखाया गया है, उतना असल में बना पाना तकरीबन नामुमकिन है। वर्ल्डकप मैच के लेवल का ग्राउंड तैयार करने के लिए मेकर्स को बहुत मेहनत और पैसा खर्च करना पड़ता। तो इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन भी टीम ने VFX की मदद से निकाला। फिल्म में स्कोरबोर्ड वाले सीन भी डायरेक्टर ने VFX से बनाए। पहले स्कोरबोर्ड का ब्लैंक शॉट लिया, फिर स्क्रिप्ट के मुताबिक बाद में नंबर्स डाले गए थे। फिल्मी दुनिया से जुड़ी ऐसी ही दिलचस्प बातें जानने के लिए जुड़े रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।

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