मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 1,500 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 450 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
दोपहर तक बाजार में तेज बिकवाली
दोपहर करीब 2:05 बजे तक:
- सेंसेक्स 1,512 अंक टूटकर 76,668 पर पहुंच गया।
- निफ्टी 50 462 अंक फिसलकर 23,936 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
- बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।
इस गिरावट के चलते निवेशकों की कुल बाजार पूंजी (Market Capitalization) में करीब ₹7 लाख करोड़ की कमी आई।
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?
बाजार में अचानक आई इस कमजोरी के पीछे कई वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं।
1. अमेरिका-ईरान तनाव
रिपोर्टों के अनुसार:
- अमेरिका ने ईरान में 80 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए।
- जवाब में ईरानी बलों ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।
- अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री से जुड़ी छूट भी समाप्त कर दी।
इन घटनाओं से वैश्विक निवेशकों में जोखिम को लेकर चिंता बढ़ी।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भू-राजनीतिक तनाव के कारण:
- ब्रेंट क्रूड करीब 2% से अधिक बढ़कर लगभग 75.84 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
- कच्चे तेल की महंगाई से भारत के आयात बिल और महंगाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
3. वैश्विक बाजारों में कमजोरी
दुनिया के कई प्रमुख बाजारों में भी दबाव देखने को मिला।
- दक्षिण कोरिया का KOSPI 5% से अधिक गिरा।
- S&P 500 Futures और Nasdaq Futures में कमजोरी रही।
- यूरोप का Stoxx 600 भी लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
हालांकि, चीन और हांगकांग के कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
सुबह से ही लाल निशान में था बाजार
बाजार की शुरुआत भी कमजोर रही थी।
सुबह:
- सेंसेक्स लगभग 364 अंक गिरकर 77,816 पर खुला।
- निफ्टी 139 अंक टूटकर 24,259 पर खुला।
इसके बाद बिकवाली लगातार बढ़ती गई और दोपहर तक गिरावट और गहरी हो गई।
किन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव?
कारोबार के दौरान कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
प्रमुख कमजोर शेयर:
- ITC
- मारुति
- एशियन पेंट्स
- रिलायंस
- बजाज फाइनेंस
- इंडिगो
वहीं कुछ शेयरों में सीमित बढ़त देखने को मिली, जिनमें शामिल रहे:
- सन फार्मा
- ICICI बैंक
- टेक महिंद्रा
- इन्फोसिस
- TCS
- HCL Tech
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितता है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है, तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार:
- निफ्टी के लिए 24,000–24,200 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
- ऊपर की ओर 24,600–25,000 का दायरा प्रमुख रेजिस्टेंस रह सकता है।
- बैंक निफ्टी में 58,000 के आसपास का स्तर अहम माना जा रहा है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा उतार-चढ़ाव के दौरान:
- घबराकर निवेश बेचने से बचें।
- लंबी अवधि के निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए।
- नए निवेश से पहले जोखिम और बाजार की स्थिति का आकलन करें।
- केवल प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह पर निवेश संबंधी निर्णय लें।
मुख्य बातें
- सेंसेक्स 1,500 अंक से अधिक टूटा।
- निफ्टी 450 अंकों से ज्यादा लुढ़का।
- निवेशकों की लगभग ₹7 लाख करोड़ की संपत्ति घटी।
- अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर।
- वैश्विक बाजारों में भी व्यापक गिरावट।
- विशेषज्ञों ने सतर्क निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी।
