सेवा संकल्प अभियान की अनूठी पहल, 106 ग्रामीणों को मिला उपचार, जांच और योजनाओं का लाभ
रायपुर, जहां सड़कें खत्म हो जाती हैं, वहां अक्सर सरकारी सेवाओं की पहुंच भी मुश्किल हो जाती है। लेकिन सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य ही उन दूरस्थ इलाकों तक पहुंचना है, जहां जरूरत सबसे अधिक है। इसी संकल्प को साकार करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बैलाडीला के अंतिम छोर पर बसे पहुंचविहीन ग्राम बेंगपाल तक पहुंचने के लिए करीब 8 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया। गांव में पहुंचने के बाद पेड़ की छांव के नीचे ही स्वास्थ्य शिविर लगाया गया और यही छांव ग्रामीणों के लिए उस दिन अस्पताल बन गई।
मौके पर स्वास्थ्य अमले ने गांव के 106 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श दिया। शिविर में प्रत्येक ग्रामीण की मलेरिया जांच की गई। वहीं 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तचाप एवं मधुमेह की जांच की गई। साथ ही महिलाओं का गर्भवती पंजीयन तथा बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। शिविर के दौरान मोतियाबिंद से पीडि़त मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे उपचार एवं ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया की गई। इसके साथ ही ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से संबंधित कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

बेंगपाल में आयोजित यह शिविर केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का माध्यम भी बना। 8 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर स्वास्थ्यकर्मियों का गांव तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि सेवा संकल्प अभियान में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक ले जाने का संकल्प केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे धरातल पर उतारा जा रहा है। बेंगपाल के ग्रामीणों के लिए पेड़ की छांव में लगा यह शिविर शायद एक साधारण स्वास्थ्य शिविर हो, लेकिन स्वास्थ्य अमले के लिए यह उस संकल्प की तस्वीर है, जिसमें दूरी कितनी भी हो, सेवा का रास्ता कभी नहीं रुकता।
