भारतीय क्रिकेट टीम इस समय श्रीलंका दौरे पर है, जहां उसे दो टेस्ट मैचों की चुनौतीपूर्ण सीरीज खेलनी है। सीरीज शुरू होने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय बल्लेबाज श्रीलंकाई परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी पिछली कमजोरी का समाधान ढूंढ पाएंगे? खास बात यह है कि मौजूदा भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में सिर्फ तीन खिलाड़ियों को ही श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट खेलने का अनुभव है।
श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाला है। इससे पहले भारतीय टीम शुक्रवार को नॉनडिस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान पर श्रीलंका एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी। यह मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का बड़ा मौका माना जा रहा है।
स्पिन के खिलाफ कमजोरी दूर करना होगी बड़ी चुनौती
हाल के टेस्ट मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी परेशानी अच्छी स्पिन गेंदबाजी के सामने नजर आई है। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी भारतीय बल्लेबाज स्पिनरों के सामने संघर्ष करते दिखे थे।
श्रीलंका दौरे पर चुनौती और कठिन हो सकती है क्योंकि—
- श्रीलंकाई पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों को मदद देती हैं।
- घरेलू परिस्थितियों में श्रीलंका का स्पिन आक्रमण काफी प्रभावी माना जाता है।
- बल्लेबाजों को धैर्य, तकनीक और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की जरूरत होगी।
अभ्यास मैच के जरिए भारतीय बल्लेबाज स्थानीय पिचों और गेंदबाजों की शैली को समझने की कोशिश करेंगे।
सिर्फ केएल राहुल, कुलदीप और जडेजा को अनुभव
भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेली थी। इसके बाद भारतीय टीम में काफी बदलाव हुए हैं।
मौजूदा स्क्वॉड में केवल तीन खिलाड़ियों के पास श्रीलंका में टेस्ट खेलने का अनुभव है—
- केएल राहुल
- कुलदीप यादव
- रवींद्र जडेजा
वहीं कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी पहली बार श्रीलंका की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में उतरेंगे।
हालांकि, प्रमुख बल्लेबाजों ने दौरे से पहले स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास किया है, लेकिन वास्तविक मैच परिस्थितियों में प्रदर्शन करना उनके लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
सिराज संभालेंगे तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान इस बार मोहम्मद सिराज संभालेंगे। चोट के कारण जसप्रीत बुमराह इस दौरे पर टीम का हिस्सा नहीं हैं।
सिराज को इन गेंदबाजों का साथ मिलेगा—
- प्रसिद्ध कृष्णा
- गुरनूर बराड़
- मानव सुथार
- सारांश जैन
सिराज और कुलदीप यादव को छोड़कर अधिकतर गेंदबाजों के पास श्रीलंकाई परिस्थितियों में ज्यादा अनुभव नहीं है। ऐसे में यह दौरा उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगा।
भारत ‘ए’ के प्रदर्शन से बढ़ी उम्मीदें
गुरनूर बराड़ और सारांश जैन हाल ही में गॉल में भारत ‘ए’ की ओर से श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
दोनों खिलाड़ी अब अभ्यास मैच में भी बेहतर प्रदर्शन कर—
- टीम प्रबंधन का भरोसा जीतना चाहेंगे।
- श्रीलंकाई पिचों की परिस्थितियों को समझना चाहेंगे।
- टेस्ट सीरीज के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे।
गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को किया तैयार
मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि टीम को अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़नी चाहिए और हर चुनौती का जवाब पहले से तैयार रखना होगा।
गंभीर का जोर इस बात पर है कि खिलाड़ी केवल तकनीकी रूप से नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी टेस्ट क्रिकेट की कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार रहें।
बारिश बन सकती है परेशानी
भारतीय टीम की तैयारियों के बीच मौसम भी चुनौती बन सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से शहर में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई है।
अगर अभ्यास मैच बारिश से प्रभावित होता है तो खिलाड़ियों को श्रीलंकाई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का कम मौका मिलेगा।
क्या बल्लेबाज ढूंढ पाएंगे समाधान?
भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा नजर भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर होगी। स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ हालिया कमजोरी को दूर करना टीम इंडिया के लिए सबसे जरूरी लक्ष्य है।
अगर शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और अन्य बल्लेबाज श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ बेहतर रणनीति के साथ उतरते हैं, तो भारत के पास सीरीज में मजबूत प्रदर्शन करने का शानदार मौका होगा। वहीं गेंदबाजों को भी गॉल की परिस्थितियों का फायदा उठाकर विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाना होगा।
