दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2016 के बाद महेंद्र सिंह धोनी को राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (आरपीएस) की कप्तानी से हटाए जाने के फैसले को याद करते हुए कहा कि इस कदम से हर कोई हैरान रह गया था। उन्होंने कहा कि स्टीव स्मिथ ने हालांकि मुश्किल परिस्थितियों को अच्छी तरह संभाला और कप्तान के रूप में अपने पहले ही सत्र में टीम को फाइनल तक पहुंचाया।
‘हम कुछ मैच हार गए थे और…’
‘क्रिकइंफो’ के कार्यक्रम ‘क्रिकेटर्स ऑन क्रिकेटर्स’ में डुप्लेसी ने कहा कि टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में शामिल धोनी को कप्तानी से हटाने का फैसला सभी के लिए चौंकाने वाला था। डुप्लेसी ने कहा, ”आईपीएल 2016 सत्र के बाद एमएस धोनी को राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की कप्तानी से हटा दिया गया था। इतने बड़े टूर्नामेंट में यह सबसे बड़े फैसलों में से एक था। हम कुछ मैच हार गए थे और उस समय टीम के मालिक ने कप्तान बदलने का फैसला किया। इस फैसले से हर कोई हैरान था।” उन्होंने कहा, “धोनी कप्तान नहीं रहे और स्टीव स्मिथ को नई जिम्मेदारी मिली थी। कप्तानी के लिहाज से स्मिथ का करियर उस समय शुरुआती दौर में था। उनके पास ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन उन्होंने अच्छा काम किया।” डुप्लेसी ने कहा कि धोनी के कप्तानी गंवाने के बाद भी टीम में बने रहने से स्मिथ के लिए परिस्थितियां और चुनौतीपूर्ण हो गई थीं।
‘अगर हम फाइनल जीत जाते तो…’
उन्होंने कहा, “धोनी के टीम में रहते हुए कप्तानी करना मुश्किल था, खासकर तब जब उन्हें हाल ही में कप्तानी से हटाया गया था। स्मिथ ने टीम को फाइनल तक पहुंचाया। हम फाइनल हार गए, जबकि वह मुकाबला हमें जीतना चाहिए था। हम जीत के बेहद करीब थे।” दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ने कहा कि अगर पुणे की टीम फाइनल जीत जाती, तो स्मिथ कप्तानी के अपने पहले ही सत्र में आईपीएल खिताब जीतने वाले कप्तान बन जाते। डुप्लेसी ने कहा, “अगर हम वह फाइनल जीत जाते, तो स्मिथ कप्तानी के सिर्फ एक सत्र में आईपीएल विजेता कप्तान बन जाते। यह उनके बारे में बहुत कुछ बताता है।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच ने स्टीव स्मिथ के एक लेग स्पिन ऑलराउंडर से दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल होने तक के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि स्मिथ को कभी शेन वॉर्न के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था, लेकिन फिर उनकी बल्लेबाजी में ऐसा बदलाव आया कि उन्होंने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना ली।
‘शुरुआत में यही चर्चा होती थी कि…’
फिंच ने कहा, “स्टीव स्मिथ को शुरुआत में शेन वॉर्न का उत्तराधिकारी माना जाता था। वह बल्लेबाजी क्रम में आठवें नंबर पर उतरते थे, कुछ ओवर लेग स्पिन गेंदबाजी करते थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए कभी-कभार रन बना लेते थे। फिर अचानक कुछ बदल गया। वह एक ऐसे शानदार बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने पूरी दुनिया को चौंका दिया।” फिंच ने कहा कि स्मिथ की बल्लेबाजी में कलाई के बेहतरीन इस्तेमाल और पैरों की लगातार मूवमेंट जैसी खूबियां पहले से थीं। उन्होंने अपनी तकनीक में काफी सुधार किया जिससे उनकी बल्लेबाजी में निखार आया। उन्होंने कहा, “शुरुआत में उनके बारे में यही चर्चा होती थी कि वह एक गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में अगला बड़ा नाम बनने के लिए तैयार हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी में कुछ ऐसा बदलाव आया, जिससे उन्होंने अपनी लय और सही तरीका खोज लिया।”
