भारत और अफगानिस्तान के बीच सितंबर में होने वाली तीन मैचों की India vs Afghanistan T20 Series कई वजहों से खास रहने वाली है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीरीज के तीनों मुकाबले भारत की जमीन पर खेले जाएंगे, लेकिन आधिकारिक तौर पर मेजबानी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के पास होगी। यानी भारतीय टीम अपने ही देश में खेलेगी, लेकिन कागजों पर यह मुकाबले अफगानिस्तान की मेजबानी में होंगे।
यह व्यवस्था क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी काफी अनोखी है। आमतौर पर किसी सीरीज का मेजबान वही देश होता है जहां मुकाबले आयोजित किए जाते हैं। इस बार परिस्थितियां अलग हैं और इसी वजह से सीरीज के खर्च और कमाई को लेकर भी चर्चा तेज है।
भारत में मैच, लेकिन मेजबान अफगानिस्तान
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीनों टी20 मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके बावजूद सीरीज का आधिकारिक आयोजनकर्ता अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड रहेगा।
इसका मतलब है कि आयोजन से जुड़ी प्रमुख वित्तीय जिम्मेदारियां ACB की होंगी। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों टीमों के ठहरने, यात्रा और स्टेडियम से जुड़े खर्च जैसे कई खर्चों का वहन अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड करेगा।
वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI स्थानीय स्तर पर सहयोग करेगा। इसमें मैदान उपलब्ध कराने, सुरक्षा और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं में सहायता शामिल हो सकती है।
सीरीज के खर्च की जिम्मेदारी किसकी?
सीरीज से जुड़ी व्यवस्थाओं को आसान भाषा में समझें तो:
- आधिकारिक मेजबान: अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड
- मैचों का आयोजन स्थल: भारत
- स्टेडियम: अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली
- आयोजन से जुड़े प्रमुख खर्च: ACB
- स्थानीय सहयोग और लॉजिस्टिक्स: BCCI की भूमिका
- टीमों के यात्रा और ठहरने से जुड़े खर्च: मेजबान बोर्ड की जिम्मेदारी के तहत
इस व्यवस्था का फायदा यह भी है कि अफगानिस्तान को भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज आयोजित करने का अवसर मिलता है, जबकि भारतीय बोर्ड स्थानीय स्तर पर आयोजन को सुचारु बनाने में सहयोग कर सकता है।
मैचों से होने वाली कमाई किसे मिलेगी?
सिर्फ खर्च ही नहीं, बल्कि सीरीज से होने वाली कमाई भी इस व्यवस्था को खास बनाती है। चूंकि ACB आधिकारिक मेजबान है, इसलिए सीरीज से जुड़े व्यावसायिक अधिकारों से होने वाली आय पर उसकी प्रमुख भूमिका रहेगी।
इसमें संभावित रूप से ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप और टिकट बिक्री जैसे राजस्व स्रोत शामिल हैं। हालांकि वास्तविक कमाई और उसके बंटवारे की शर्तें दोनों क्रिकेट बोर्डों के बीच हुए आधिकारिक समझौते पर निर्भर करेंगी।
यानी भारत में मुकाबले होने के बावजूद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए यह सीरीज आर्थिक और क्रिकेट दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
कब-कब खेले जाएंगे मुकाबले?
तीन मैचों की टी20 सीरीज का कार्यक्रम इस प्रकार बताया गया है:
- पहला टी20: 13 सितंबर
- दूसरा टी20: 15 सितंबर
- तीसरा टी20: 17 सितंबर
- स्थान: अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली
लगातार तीन मुकाबलों वाली यह सीरीज दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए अपनी टी20 तैयारियों को परखने का अच्छा मौका होगी।
भारत का रिकॉर्ड बेहद मजबूत
टी20 इंटरनेशनल में भारत का अफगानिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 8 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा।
इस रिकॉर्ड के कारण भारतीय टीम को सीरीज में मजबूत दावेदार माना जाएगा। हालांकि अफगानिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में टी20 क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े से बड़े मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
क्यों खास है यह सीरीज?
इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ भारत और अफगानिस्तान की भिड़ंत नहीं है। असली चर्चा इस बात को लेकर है कि भारत में मैच होने के बावजूद आधिकारिक मेजबानी अफगानिस्तान करेगा।
इससे एक अनोखी स्थिति बनेगी, जहां भारतीय टीम अपने घरेलू मैदान पर खेलेगी, लेकिन प्रशासनिक और आधिकारिक तौर पर सीरीज विदेशी टीम की मेजबानी में होगी।
सितंबर में होने वाली यह सीरीज इसलिए मैदान के अंदर के मुकाबले के साथ-साथ मैदान के बाहर की व्यवस्था और क्रिकेट बोर्डों की भूमिका को लेकर भी सुर्खियों में रह सकती है।
नोट: सीरीज के खर्च, राजस्व और दोनों बोर्डों की जिम्मेदारियों का अंतिम स्वरूप आधिकारिक समझौते और संबंधित क्रिकेट बोर्डों की पुष्टि के अनुसार ही माना जाना चाहिए।
