मन में हर वक्त बस उल्टी-सीधे ख्याल आते हैं। कभी डर लगता है कभी एंजायटी और घबराहट होना शुरू हो जाती है। दिल-दिमाग में निगेटिव बातें इतना ज्यादा हावी होती है कि इंसान का दिमाग अच्छी चीजें सोचना ही बंद कर देता है। हंसी-खुशी से रहना मुश्किल हो जाता है। अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है और आप अपने उन विचारों को दूर नहीं कर पा रहे हैं तो मेडिटेशन आपके काम को आसान कर सकती है। लेकिन मेडिटेशन भी तभी असर दिखाएगा जब आपके हाथों की मुद्राएं सही होंगी। क्योंकि हाथ की हर उंगली और अंगूठे को मिलाकर बनाई गई मुद्रा शरीर के अंदरूनी हिस्से पर असर डालती है। अगर आपको अपने दिमाग को शांत रखना है, निगेटिव विचारों से दूर रखना है तो योगिक हैक्स इंस्टाग्राम पेज पर हाथ की मुद्रा की जानकारी दी गई है। जो आपको निगेटिव विचारों, डर और मन में आ रहे उल्टे-सीधे ख्यालों से दूर रखने में मदद करती है।
मेडिटेशन के साथ हाथ की मुद्रा आपके मन को शांत करेगी
हर वक्त डर लगता रहता है, मन में कुछ ना कुछ नकारात्मक बातें ही आती है तो ध्यान करने यानि मेडिटेशन करने से मन को शांति मिलती है। लेकिन मेडिटेशन के दौरान हाथों की मुद्रा का गहरा असर होता है। योगिनी स्निग्धा भारद्वाज ने बताया है जब-जब मन में बुरे विचार आ रहे हों तो हाथों की उंगलियों को खास पोजीशन में रखकर बैठ जाएं और गहरी लंबी सांस लें। आपके बुरे विचार मन से गायब होने लगेंगे।
कब कब करें
जब भी बुरे विचार आ रहे हों, मन परेशान हो तो फौरन हाथों की ऐसी पोजीशन जिसे कश्यप मुद्रा कहते हैं, बनाकर बैठ जाएं और गहरी लंबी सांस करीब 3-4 मिनट तक लेते रहें। दिन में रोजाना करीब 3-4 बार इसे करने की कोशिश करें। ये आपके निगेटिव विचारों को मन में आने से रोकने में मदद करेगी।
कैसे बनाएं कश्यप मुद्रा
कश्यप मुद्रा बनाने के लिए सबसे छोटी उंगली और उसके बगल में रिंग फिंगर को मोड़कर ऊपर अंगूठा रखें। फिर उस मुड़ी उंगली के ऊपर बाकी की दोनों बीच वाली बड़ी उंगली और पहली उंगली को मोड़कर अंगूठे के ऊपर रख लें। अब हाथों की ये मुद्रा बनाकर बैठ जाएं और दोनों हाथों को घुटनों या जांघों पर रखकर गहरी लंबी सांस लेते हुए तीन से चार मिनट तक इसे करें। हर रोज जब भी निगेटिव ख्याल दिल में आ रहे हो, मन गंदे विचारों से भर जाए तो फौरन हाथों को इस तरह करके तीन से चार मिनट बैठ जाएं। मेंटल पीस मिलेगा।
