ITR Filing 2026: 31 जुलाई 2026 को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख है। ऐसे में देशभर के करोड़ों टैक्सपेयर्स अपने जरूरी डॉक्यूमेंट जुटाने और समय पर रिटर्न फाइल करने में लगे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा राज्य भी है, जहां के पात्र लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। यह छूट किसी सरकारी योजना के तहत नहीं, बल्कि कानून के जरिए दी गई एक विशेष व्यवस्था है।
इस राज्य के लोग नहीं देते इनकम टैक्स
हम बात कर रहे हैं सिक्किम की। देश के इस पूर्वोत्तर राज्य के पात्र मूल निवासियों को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 10(26AAA) के तहत टैक्स में विशेष छूट मिलती है। इस प्रावधान के अनुसार, पात्र सिक्किमी लोगों को राज्य के भीतर अर्जित आय के अलावा कुछ मामलों में डिविडेंड और ब्याज से होने वाली आय पर भी इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
किन्हें मिलती है ये छूट?
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सिर्फ सिक्किम में रहना, नौकरी करना या कारोबार करना इस छूट के लिए काफी नहीं है। इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलता है जो कानून में तय सिक्किम राज्य का निवासी होने की परिभाषा को पूरा करते हैं। यानी हर व्यक्ति इस टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकता।
आखिर क्यों मिली टैक्स देने से छूट
दरअसल, साल 1975 में सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना था। उस समय राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कानूनी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए संविधान के अनुच्छेद 371F के तहत विशेष प्रावधान किए गए थे। इन्हीं प्रावधानों के तहत वहां के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए इनकम टैक्स में यह छूट दी गई। यह व्यवस्था सिक्किम के भारत में विलय के दौरान किए गए संवैधानिक वादों का हिस्सा मानी जाती है।
वहीं, देश के अन्य राज्यों में रहने वाले लोगों पर सामान्य इनकम टैक्स नियम लागू होते हैं। उनकी टैक्स देनदारी उनकी कुल इनकम, चुने गए टैक्स रिजीम और उपलब्ध टैक्स छूट और कटौतियों के आधार पर तय की जाती है। अगर आपने अभी तक अपना ITR दाखिल नहीं किया है, तो आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न फाइल कर दें। तय समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों से बच सकें।
