अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सबसे बड़ा निर्णय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए पहले CEO यानी मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति को लेकर हुआ। ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला CEO बनाने का फैसला किया है।
जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें सैन्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई बड़े सम्मान भी मिल चुके हैं। उनके अनुभव को देखते हुए राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जीतेंद्र मिश्रा को मिल चुके हैं कई बड़े सैन्य सम्मान
रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को सैन्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्हें 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें वर्ष 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक भी मिला था।
उनका सैन्य अनुभव अब राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में उपयोगी हो सकता है।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्य शामिल
बैठक में ट्रस्ट के रिक्त सदस्य पदों को भरने पर भी फैसला हुआ। महेश भागचंद, मदनमोहन पाण्डेय और निर्मला यादव को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
इससे पहले ट्रस्ट के दो पद इस्तीफे के बाद खाली हुए थे। चढ़ावा चोरी मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। छह जुलाई को हुई बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे।
CEO के लिए बनाई गई थी सर्च कमेटी
राम मंदिर के CEO के चयन के लिए पहले एक सर्च कमेटी बनाई गई थी। मंगलवार को कमेटी ने ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को संभावित नामों का पैनल सौंपा था।
सर्च कमेटी में:
- जस्टिस प्रमोद कोहली
- लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी
- वैज्ञानिक एवं उद्योगपति सुरेश हावड़े
शामिल थे।
कमेटी के सदस्यों ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन भी किए। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से उनका सम्मान किया गया।
बैठक में कई बड़े पदाधिकारी हुए शामिल
ट्रस्ट की बैठक में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख पदाधिकारी और ट्रस्ट के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में कई सदस्य ऑनलाइन भी जुड़े। इनमें शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, विश्व प्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष स्वामी परमानंद, केशव पारासरन, शशांक त्रिपाठी, नृपेन्द्र मिश्र, प्रशांत लोखंडे और संजय प्रसाद सहित अन्य नाम शामिल रहे।
ट्रस्ट डीड में बदलाव पर भी चर्चा
बैठक में केवल CEO की नियुक्ति और नए सदस्यों को शामिल करने पर ही चर्चा नहीं हुई। ट्रस्ट डीड में संभावित संशोधन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके लिए कानूनविद और ट्रस्ट के सदस्य केशव पारासरन से भी परामर्श किया गया। इसके अलावा ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के कामकाज और उनके संभावित पुनर्गठन पर चर्चा हुई।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- धार्मिक न्यास समिति
- निर्माण समिति
- प्रबंध समिति
- वित्त एवं ऑडिट समिति
राम मंदिर के प्रबंधन में आएगा नया बदलाव
राम मंदिर का निर्माण और धार्मिक गतिविधियां लगातार विस्तार के दौर में हैं। ऐसे में एक अनुभवी और उच्च प्रशासनिक क्षमता वाले CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रबंधन ढांचे के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद अब मंदिर से जुड़े प्रशासन, प्रबंधन और विभिन्न गतिविधियों के संचालन में एक अधिक व्यवस्थित कार्यप्रणाली देखने को मिल सकती है।
अयोध्या में राम मंदिर के बढ़ते धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए आने वाले समय में यहां श्रद्धालुओं की संख्या, व्यवस्थाओं और सुविधाओं का दायरा भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में राम मंदिर CEO की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी।
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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया। बैठक में तीन नए ट्रस्ट सदस्यों की नियुक्ति और कई अहम फैसले भी हुए।
