बीकानेर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वे यात्रा के दौरान लिये गये विविधता में एकता के अनुभव को हिंदुस्तान के हर कोने में पहुंचाएं।
श्री मोदी ने गुरुवार को वर्चुअली संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि गांव-कस्बे ज्ञान और समाधान का समृद्ध खजाना है। एक गांव का प्रयोग दूसरे गांव के काम आएगा और एक युवा का समाधान दूसरी युवा की ताकत बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत में यात्रा और सेवा दोनों ही सामाजिक संस्कार से जुड़े रहे हैं। एक व्यक्ति और एक पार्टी के कार्यकर्ता के तौर पर इन यात्राओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। ये यात्राएं करुणा, विनम्रता और अनुशासन सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी राष्ट्र निर्माण कर रहे हैं। 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है।
श्री मोदी ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। हमारी परंपरा भी नर सेवा नारायण सेवा की है। जब शासन के मूल में सेवा का भाव होता है, तो हर नीति के केंद्र में ‘नागरिक देवो भव’ का संकल्प होता है। यही सेवा भाव देश की नीतियों में लागू होता है तभी देश आगे बढ़ता है। नयी-नयी योजनाएं जन्म लेती हैं। करोड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज और आयुष्मान जैसी योजनाओं के मूल में सेवा का भाव ही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता है। इसके लिए उन्हें देश को समझना, सामाजिक वर्गों से मिलना और उनकी आकांक्षाओं को समझना बहुत जरूरी है।
इसमें सेवा संकल्प यात्रा निश्चित रूप से अहम भूमिका निभाने वाली है। इसके प्रतिभागी जहां भी जा रहे हैं, वहां संवाद और जनभागीदारी के सेतु बना रहे हैं। सेवा भाव से किया गया हर काम याद रखा जाता है। इससे पहले श्री मोदी ने सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से संवाद करके उनके अनुभव जाने। इस दौरान उन्होंने ब्यावर से डॉक्टर देवांगी और डेगाना से हर्षवर्धन सिंह एवं कुलदीप से संवाद किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की सेवा संकल्प यात्रा यशस्वी प्रधानमंत्री के सेवा का संकल्प को आगे बढ़ा रही है। यह सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में प्रधानमंत्री के जीवन का एक-एक क्षण सेवा के लिए समर्पित रहा है। सेवा के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ही इस यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सामाजिक सरोकार के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ मां के नाम अभियानों ने समाज और देश को नयी दिशा दी है। राजस्थान भी उनके एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान चला रहा है, जिसके तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इसमें से अब तक 28 करोड़ पौधे लगाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का दुनियाभर में गौरव बढ़ा है। 2014 से पहले हमारा देश आतंकवाद, नक्सलवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण से प्रभावित था। लाखों-करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार होता था और सीमाएं असुरक्षित थीं। जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की कमान संभाली स्थितियां पूरी तरह से बदल गयीं। देश में ढांचागत विकास से लेकर गरीब कल्याण की योजनाओं में बड़ा बदलाव आया है।
वर्ष 2014 में हमारे देश की अर्थव्यवस्था ग्यारहवें स्थान पर थी, लेकिन श्री मोदी के कुशल नेतृत्व ने अब देश को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बना दिया है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र प्रथम की भावना को लेकर काम किया जा रहा है। देश की दशकों से अटकी 10 अंतर्राज्यीय परियोजनाओं का समाधान हुआ है। इनमें राजस्थान की पानी की आवश्यकता की पूर्ति के लिए चार परियोजनाएं-रामजल सेतु, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुद्देश्यीय बांध परियोजना शामिल हैं। इनमें एक लाख करोड़ रुपये लागत की रामजल सेतु लिंक परियोजना में करीब 41 हजार करोड़ रुपये के कार्य किये जा रहे हैं। वहीं, 35 हजार करोड़ रुपये की यमुना जल परियोजना को धरातल पर तेजी से उतारा जा रहा है।
इससे पहले श्री शर्मा ने बीकानेर में वेटरनरी कॉलेज में सेवा संकल्प कार्यक्रम के तहत आयोजित हो रही मोटर साइकिल रैली के सवारों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हुए संवाद को वीसी के माध्यम से देखा। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बीकानेर पहुंचे सवारों से संवाद करके उनके अनुभव जाने। इस दौरान उन्होंने कलश यात्रा और वडनगर से वाराणसी जा रहे बाइक रैली को रवाना किया। उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
