Reliance ने निवेशकों को बनाया मालामाल, ₹1 हजार के बने ₹52 लाख, अब Jio IPO से होगी बड़ी कमाई?

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की कहानी भारतीय शेयर बाजार में लंबे समय तक निवेश करने की पावर का एक दिलचस्प उदाहरण है। जी हां, क्योंकि करीब 5 दशक पहले कंपनी के IPO में लगाए गए महज 1,000 रुपये की वैल्यू आज लगभग 52 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस अनुमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों के साथ Jio फाइनेंशियल सर्विसेस के डीमर्जर से मिले शेयरों की वैल्यू भी शामिल है। अब इसी बिजनेस ग्रुप की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रस्तावित IPO का साइज 30,200 करोड़ रुपये और संभावित वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Jio की ग्रोथ की संभावनाएं इस बड़े वैल्यूएशन को कितना सपोर्ट दे सकती हैं।
Jio IPO: कब खुलेगा इश्यू और कितना होगा साइज?

Jio प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुलने और 23 अक्टूबर को बंद होने वाला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसमें 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू का कुल साइज 30,200 करोड़ रुपये बताया गया है। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि NSE और BSE पर लिस्टिंग की संभावित तारीख 28 अक्टूबर है। प्रस्तावित 10.3 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर यह इश्यू भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। यह 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,900 करोड़ रुपये के IPO से भी बड़ा होगा।

कंपनी को IPO से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने या उसका प्रीपेमेंट करने के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं, बाकी अमाउंट सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च किया जाएगा। हालांकि, निवेशकों के लिए IPO का वास्तविक आकर्षण इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी की कमाई और भविष्य की ग्रोथ उसके वैल्यूएशन को कितना सही ठहराती है।
रिलायंस के IPO में ₹1,000 लगाने वालों को कितना फायदा?

रिलायंस की शेयर बाजार की यात्रा 1977 में शुरू हुई थी, जब कंपनी ने रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के नाम से अपना IPO पेश किया। उस समय कंपनी के एक शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये था, यानी 1,000 रुपये के निवेश से किसी निवेशक को 100 शेयर मिल सकते थे। उस दौर में कंपनी का IPO करीब 7 गुना सब्सक्राइब हुआ था और इसे भारत में आम लोगों के बीच शेयर बाजार में निवेश की लोकप्रियता बढ़ाने वाली घटनाओं में गिना जाता है।

इसके बाद कंपनी ने कई दशकों में 6 बार बोनस शेयर जारी किए। दिए गए बोनस इतिहास के आधार पर शुरुआती 100 शेयर बढ़कर 4,096 शेयर हो जाते। अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर का भाव 1,160 रुपये माना जाए, तो इन शेयरों की कुल वैल्यू लगभग 47.5 लाख रुपये बैठती है, यानी शुरुआती निवेश पर लंबी अवधि में बड़ी संपत्ति बनने की संभावना दिखाई देती है। हालांकि, यह एक अनुमानित कैलकुलेशन है, न कि हर निवेशक को मिलने वाले रिटर्न की गारंटी। इसमें निवेश की अवधि के दौरान शेयर खरीदने-बेचने, टैक्स और अन्य परिस्थितियों का हिसाब शामिल नहीं है।
Jio फाइनेंशियल सर्विसेस के शेयरों से कैसे बढ़ी वैल्यू?

रिलायंस में शुरुआती निवेश की अनुमानित वैल्यू करीब 52 लाख रुपये तक पहुंचने की कैलकुलेशन में Jio फाइनेंशियल सर्विसेस का भी योगदान है। साल 2023 में रिलायंस इंडस्ट्रीज से Jio फाइनेंशियल सर्विसेस का डीमर्जर हुआ था। इसके तहत रिकॉर्ड डेट पर पात्र शेयरधारकों को रिलायंस इंडस्ट्रीज के हर एक शेयर के बदले Jio फाइनेंशियल सर्विसेस का एक शेयर दिया गया था।

बताई गई कैलकुलेशन के मुताबिक, शुरुआती निवेश से बने रिलायंस शेयरों के आधार पर निवेशक को 2,048 Jio फाइनेंशियल सर्विसेस के शेयर मिलते। रिलायंस इंडस्ट्रीज और Jio फाइनेंशियल सर्विसेस, दोनों में हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू जोड़ने पर कुल रकम करीब 52 लाख रुपये बैठती है। इस आंकड़े में रिलायंस और Jio फाइनेंशियल सर्विसेस से मिले डिविडेंड की कुल राशि शामिल नहीं है। अगर किसी निवेशक ने डिविडेंड को दोबारा निवेश किया होता, तो उसका वास्तविक रिटर्न अलग हो सकता था।
टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं तक पहुंचा रिलायंस

रिलायंस इंडस्ट्रीज की शुरुआत धीरूभाई अंबानी ने की थी। कंपनी को 8 मई 1973 को Mynylon Limited के नाम से स्थापित किया गया था। मार्च 1977 में इसका नाम रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड हुआ और जून 1985 में यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड बन गई।

शुरुआत में कंपनी का कारोबार कपड़ा और पॉलिएस्टर जैसे उत्पादों पर केंद्रित था। समय के साथ रिलायंस ने तेल और गैस की खोज, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, डिजिटल सेवाओं, रिन्यूएबल एनर्जी और मीडिया-एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों में अपना कारोबार बढ़ाया।

Jio प्लेटफॉर्म्स इसी विस्तार का अहम हिस्सा है। इसकी टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं ने कंपनी को देश के बड़े डिजिटल कारोबारों में शामिल किया है। IPO के बाद निवेशक Jio के प्रदर्शन का आकलन रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाकी कारोबार से अलग कर सकेंगे। इससे कंपनी की स्वतंत्र बाजार वैल्यू तय होने में मदद मिलेगी।
Jio की ग्रोथ पर ब्रोकरेज को क्यों है भरोसा?

सेंट्रम ब्रोकिंग के मुताबिक, भारत में डेटा की बढ़ती खपत, 5G नेटवर्क का विस्तार और ग्राहकों का 5G सर्विस की ओर बढ़ना Jio के लिए अहम ग्रोथ फैक्टर हैं। इसके अलावा, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, AirFiber, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और AI आधारित डिजिटल सेवाओं से भी कंपनी की कमाई बढ़ने की संभावना है।

ब्रोकरेज का मानना है कि टैरिफ में बढ़ोतरी, ज्यादा प्रीमियम प्लान और बेहतर ग्राह

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