लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की उपस्थिति में उनकी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ पुस्तक का विमोचन किया. अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की जन्मभूमि उत्तर प्रदेश है और यह उनकी कर्मसाधना की भूमि भी है. उनकी आत्मकथा ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ का विमोचन पूर्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था. आज उसी आत्मकथा के हिंदी रूपांतरण ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ का विमोचन हुआ है.
सीएम योगी ने कहा कि मैं इस कालजयी आत्मकथा के विमोचन के अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को हृदय से बधाई देता हूं और उनका अभिनंदन करता हूं. याद रखना, बड़ा वही होता है, जिसमें संघर्ष का जज्बा और सम-विषम परिस्थितियों से जूझने की प्रवृत्ति होती है. परिस्थितियां अनुकूल हों, तो लोककल्याण और विकास के पथ पर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करें. परिस्थितियां विपरीत हों, तो संघर्ष से पलायन न करें, बल्कि उनका मुकाबला करने का जज्बा रखें.
योगी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही है. प्रदेश में निर्मित 57,600 ग्राम सचिवालयों में लाइब्रेरी के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था की गई है, जहां गांव के बच्चे अध्ययन कर रहे हैं. अच्छी पुस्तकें व्यक्ति के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होती हैं. सोशल मीडिया पर रील बनाकर लाइक्स पाने के बजाय युवाओं को अपनी रियल लाइफ बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए. यही प्रयास उनके जीवन को अधिक उपयोगी, सार्थक और सफल बनाने में सहायक होगा.
