अडानी एंटरप्राइजेज पर विदेशी निवेशकों का बड़ा दांव! हेलियोस ने खरीदे 7.7 लाख शेयर, शेयर में भी आई जोरदार तेजी

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Adani enterprises share: सिंगापुर की निवेश कंपनी हेलियोस कैपिटल मैनेजमेंट (Helios Capital Management) ने अडानी ग्रुप पर बड़ा दांव लगाया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, हेलियोस ने 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान अपने तीन फंडों के जरिए अडानी समूह की लीडिंग कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के करीब 7.7 लाख शेयर खरीदे हैं। इनमें से दो फंडों ने पहली बार इस कंपनी में निवेश किया है। इस बीच, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर की बात करें तो शुक्रवार को 2.26% बढ़कर 3155.15 रुपये पहुंच गया। बता दें कि 6 जुलाई 2026 में शेयर 3,245 रुपये पर है। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। मार्च 2026 में शेयर 1,753.45 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।

हेलियोस कैपिटल के फाउंडर ने क्या कहा?

हेलियोस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने कहा कि अडानी ग्रुप की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की क्षमता हमेशा मजबूत रही है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी पहले से अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में निवेश कर चुकी है और समूह के कामकाज पर उन्हें पूरा भरोसा है।

समीर अरोड़ा के मुताबिक अडानी ग्रुप अब केवल पोर्ट और ऊर्जा कारोबार तक सीमित नहीं है। कंपनी आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 100 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण अभी शुरुआती चरण में है, ऐसे में AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में अडानी ग्रुप को बड़ा फायदा मिल सकता है।

समीर अरोड़ा की हेलियोस ने अब फाइनेंशियल सर्विसेज, कैपिटल गुड्स, डिफेंस, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) और कंज्यूमर कंपनियों में निवेश बढ़ाया है। उन्होंने ईटर्नल लिमिटेड (पूर्व में जोमैटो) और वन97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) को भी अपने पसंदीदा शेयरों में शामिल बताया।

फ्रांस की कंपनी के साथ डील

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने फ्रांस की क्लीन-टेक कंपनी डाइऑक्सीकल के साथ भारत में कम-कार्बन रसायनों के मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की है। दोनों कंपनियों ने शुक्रवार को बताया कि इस पहल की शुरुआत संग्रहित कार्बन डाइऑक्साइड और नवीकरणीय बिजली की मदद से फॉर्मिक एसिड के उत्पादन के लिए एक प्लांट स्थापित करने से होगी।

कंपनियों ने कहा कि यह परियोजना अडानी समूह के एक परिसर में स्थापित की जाएगी। इसका मकसद यह प्रदर्शित करना है कि कार्बन उत्सर्जन को संग्रहित कर रिन्यूएबल एनर्जी की मदद से औद्योगिक रसायनों में कैसे बदला जा सकता है। शुरुआती परियोजना के सफल होने के बाद दोनों साझेदार इस प्रौद्योगिकी का व्यावसायिक स्तर पर विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। फॉर्मिक एसिड का उपयोग वस्त्र, कृषि और विनिर्माण सहित विभिन्न उद्योगों में किया जाता है।

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