SME शेयरों में कभी शानदार रिटर्न देने वाली C2C Advanced Systems अब निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कंपनी के शेयरों में लगातार भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। मंगलवार को शेयर में 20% का लोअर सर्किट लगा और यह 268.15 रुपये पर बंद हुआ। पिछले दो कारोबारी सत्रों में ही शेयर करीब 40% टूट चुका है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह स्टॉक अब अपने IPO प्राइस 226 रुपये के बेहद करीब पहुंच गया है। कभी 888 रुपये तक पहुंचने वाला यह शेयर अब अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर से 69% से ज्यादा गिर चुका है। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई और आगे क्या करना चाहिए?
52 हफ्ते के हाई से 69% की बड़ी गिरावट
C2C Advanced Systems का शेयर 1 सितंबर 2025 को 888 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद से शेयर में लगातार दबाव बना हुआ है।
अब स्थिति यह है कि 21 जुलाई 2026 को यह शेयर 268.15 रुपये पर बंद हुआ, जो 52 सप्ताह का नया निचला स्तर भी है।
प्रमुख आंकड़े
- 52 सप्ताह का उच्च स्तर: 888 रुपये
- मौजूदा बंद भाव: 268.15 रुपये
- कुल गिरावट: 69% से अधिक
- पिछले 2 दिन की गिरावट: करीब 40%
- वर्ष 2026 में अब तक गिरावट: 43%
- कंपनी का मार्केट कैप: लगभग 455 करोड़ रुपये
IPO प्राइस के बेहद करीब पहुंचा शेयर
कंपनी का IPO नवंबर 2024 में आया था।
IPO की प्रमुख जानकारी
- IPO खुला: 22 नवंबर 2024
- IPO बंद: 26 नवंबर 2024
- इश्यू प्राइस: 226 रुपये प्रति शेयर
- लिस्टिंग प्राइस: 429.40 रुपये
- लिस्टिंग डे क्लोजिंग: 450.85 रुपये
लिस्टिंग के समय इस शेयर ने निवेशकों को शानदार मुनाफा दिया था, लेकिन अब शेयर लगभग फिर से IPO प्राइस के आसपास पहुंच गया है।
IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स
C2C Advanced Systems का IPO निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था।
IPO की खास बातें
- कुल सब्सक्रिप्शन: 125 गुना
- उपलब्ध शेयर: 29.15 लाख
- निवेशकों द्वारा मांगे गए शेयर: 36.56 करोड़
कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है। इसी वजह से IPO के समय इसमें जबरदस्त निवेश देखने को मिला था।
दिग्गज निवेशकों का भी लगा है पैसा
शेयर में गिरावट के बावजूद कई बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी अभी भी बनी हुई है।
मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग के अनुसार—
- आशीष कचोलिया – 3.82% हिस्सेदारी
- मुकुल अग्रवाल – 2.75% हिस्सेदारी
- बंगाल फाइनेंस – 1.27% हिस्सेदारी
- विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) – 3.18% हिस्सेदारी
इन दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी के कारण यह शेयर लगातार बाजार की नजर में बना हुआ है।
आखिर क्यों टूटा शेयर?
हालिया गिरावट के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—
- SME शेयरों में बढ़ती मुनाफावसूली।
- कमजोर बाजार धारणा।
- लोअर सर्किट के कारण लगातार बिकवाली का दबाव।
- निवेशकों का जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाना।
- स्मॉल और माइक्रोकैप शेयरों में बढ़ी अस्थिरता।
हालांकि, कंपनी या एक्सचेंज की ओर से इस गिरावट के संबंध में कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
किसी भी शेयर में तेज गिरावट का मतलब हमेशा खराब कंपनी नहीं होता, लेकिन बिना पूरी जानकारी के केवल गिरा हुआ भाव देखकर निवेश करना भी जोखिम भरा हो सकता है।
निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान दें—
- कंपनी के तिमाही नतीजों का विश्लेषण करें।
- ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ देखें।
- वैल्यूएशन की तुलना प्रतिस्पर्धी कंपनियों से करें।
- केवल किसी बड़े निवेशक की हिस्सेदारी देखकर निवेश का फैसला न लें।
