सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार घटा सकती है इंपोर्ट ड्यूटी, क्या फिर सस्ता होगा गोल्ड?

मुख्य समाचार व्यापार जगत

नई दिल्ली, भारत में सोने और चांदी की ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर सरकार अब अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकती है। रत्न और आभूषण परिषद (Gems & Jewellery Council) के चेयरमैन राजेश रोकड़े के मुताबिक, सरकार सोने और चांदी पर आयात शुल्क घटाने के विकल्प पर चर्चा कर रही है। हालांकि, अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनका कहना है कि ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी लगाने का उद्देश्य सोने-चांदी के आयात को कम करना था, लेकिन इसका अपेक्षित असर देखने को नहीं मिला। इसके उलट, ऊंची ड्यूटी के कारण अवैध कारोबार यानी ग्रे मार्केट को बढ़ावा मिला है। ऐसे में सरकार सही समय देखकर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती कर सकती है।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का कितना फायदा?

द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रत्न और आभूषण परिषद (Gems & Jewellery Council) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने बताया कि सरकार को उम्मीद थी कि ड्यूटी बढ़ने के बाद सोने और चांदी का आयात कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आयात काफी हद तक जारी रहा और इस दौरान ग्रे मार्केट का साइज भी बढ़ गया।

कब और कितनी घटेगी इंपोर्ट ड्यूटी ?

उन्होंने कहा कि ज्वेलरी इंडस्ट्री ने सरकार को पहले ही चेतावनी दी थी कि बहुत ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी से अवैध कारोबार बढ़ सकता है और अब यही स्थिति देखने को मिल रही है। उनके अनुसार सरकार इस मुद्दे पर कुछ समय से विचार कर रही है और बातचीत निश्चित रूप से चल रही है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि शुल्क कब और कितना कम किया जाएगा। सरकार फिलहाल इसके लिए सही समय का इंतजार कर रही है।

6% से बढ़ाकर 15% कर दी थी इंपोर्ट ड्यूटी

दरअसल, केंद्र सरकार ने मई में सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। यह फैसला पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार और बाहरी खाते पर दबाव कम करने के उद्देश्य से लिया गया था। भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल करीब 700 से 900 टन सोने का आयात होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात मूल्य के लिहाज से करीब 24% बढ़कर रिकॉर्ड 71.9 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि, इसी दौरान आयात की मात्रा घटकर 721 टन रह गई।

क्या होगा इस कटौती का असर?

इंपोर्ट ड्यूटी में संभावित कटौती का असर सोने और चांदी के कारोबार से जुड़े लोगों के साथ-साथ आम ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। अगर शुल्क कम होता है, तो आधिकारिक चैनल से सोने की खरीद और आयात को बढ़ावा मिल सकता है और ग्रे मार्केट पर दबाव कम हो सकता है। दूसरी ओर सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को नियंत्रित करना होगी। ऐसे में शुल्क घटाने का फैसला कई आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

सोने की कीमतों में गिरावट

इस बीच सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। वायदा कारोबार में मांग कमजोर रहने के कारण सोने का भाव 2,045 रुपये गिरकर 1,54,236 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। ऐसे समय में अगर सरकार वास्तव में इंपोर्ट ड्यूटी कम करती है, तो आने वाले दिनों में सोने की कीमतों और घरेलू ज्वेलरी बाजार पर इसका असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती केवल चर्चा के स्तर पर है और अंतिम निर्णय का इंतजार है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *