Johnson & Johnson पर ₹52,700 करोड़ का समझौता! क्या बेबी पाउडर से होता है कैंसर? जानिए पूरा सच

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दुनिया की दिग्गज हेल्थकेयर कंपनी J&J (Johnson & Johnson) ने अमेरिका में सालों से चल रहे बेबी पाउडर विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी और उसकी सहयोगी Kenvue Inc. ने करीब 5.5 अरब डॉलर (लगभग ₹52,700 करोड़) का समझौता करने पर सहमति जताई है। यह समझौता उन हजारों मुकदमों को निपटाने के लिए किया जा रहा है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी के टैल्क (Talc) आधारित बेबी पाउडर और अन्य उत्पादों के इस्तेमाल से महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

15 सालों से अदालत में था मामला

यह मामला पिछले 15 सालों से अदालतों में चल रहा था। बड़ी संख्या में महिलाओं और उनके परिवारों ने दावा किया कि लंबे समय तक Johnson & Johnson के टैल्क पाउडर का इस्तेमाल करने से उन्हें कैंसर हुआ। कई मामलों में यह भी आरोप लगाया गया कि टैल्क में एस्बेस्टस (Asbestos) की मिलावट थी, जो एक खतरनाक कैंसरकारी पदार्थ माना जाता है।

कंपनी ने आरोप को किया खारिज

हालांकि, Johnson & Johnson ने एक बार फिर साफ कहा है कि उसके टैल्क आधारित उत्पाद कैंसर का कारण नहीं बनते। कंपनी का कहना है कि उसने पिछले 100 से अधिक सालों से अपने बेबी पाउडर का सही तरीके से मार्केटिंग किया है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद (Meritless) हैं।

कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट ने क्या कहा?

कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (लिटिगेशन) एरिक हास ने कहा कि उनका मानना है कि अगर मुकदमे आगे भी चलते तो कंपनी अंततः जीत जाती, क्योंकि अब तक जिन अधिकांश मामलों की सुनवाई हुई, उनमें कंपनी के पक्ष में फैसला आया है। इसके बावजूद कंपनी ने लंबे कानूनी विवाद को खत्म करने और अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समझौते का रास्ता चुना है।

2023 में बंद कर दी थी बिक्री

Johnson & Johnson ने साल 2023 में पूरी दुनिया में टैल्क आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी। इससे पहले कंपनी ने दिवालियापन (Bankruptcy) प्रक्रिया के जरिए इन मामलों का सामूहिक निपटारा करने की तीन बार कोशिश की, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।

आखिर क्या है टैल्क?

टैल्क (Talc) एक प्राकृतिक खनिज है, जिसमें मैग्नीशियम, सिलिकॉन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन पाए जाते हैं। इसकी मुलायम बनावट की वजह से इसका इस्तेमाल लंबे समय से बेबी पाउडर और कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता रहा है। लेकिन टैल्क अक्सर उन चट्टानों के पास पाया जाता है, जहां एस्बेस्टस भी मौजूद होता है। अगर खनन और प्रोसेसिंग के दौरान एस्बेस्टस की मिलावट हो जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

966 मिलियन डॉलर का मुआवजा का आदेश

पिछले साल कैलिफोर्निया की एक अदालत ने भी एक महिला के परिवार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए Johnson & Johnson को 966 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया था। महिला के परिवार का दावा था कि सालों तक कंपनी का बेबी पाउडर इस्तेमाल करने की वजह से उसे कैंसर हुआ।

अब प्रस्तावित ₹52,700 करोड़ के समझौते के बाद उम्मीद की जा रही है कि अमेरिका में सालों से चल रहे इस बड़े कानूनी विवाद का अंत हो सकेगा। हालांकि, कंपनी अब भी यह मानने को तैयार नहीं है कि उसके टैल्क उत्पाद कैंसर का कारण बने थे।

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