भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार 11 सितंबर का कारोबारी सत्र काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत होते ही सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट देखने को मिली।
एक समय सेंसेक्स करीब 740 अंक तक टूटकर 74,160 के स्तर तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी भी 23,231 के स्तर तक फिसल गया। शुरुआती गिरावट से निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई और बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के निवेशकों की संपत्ति में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई।
हालांकि, दोपहर के कारोबार में बाजार ने धीरे-धीरे वापसी शुरू की। बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और सेंसेक्स-निफ्टी ने सुबह के बड़े नुकसान का काफी हिस्सा रिकवर कर लिया।
सेंसेक्स 120 अंक नीचे, निफ्टी 79 अंक फिसला
दिनभर के कारोबार के बाद सेंसेक्स 120 अंक यानी करीब 0.16 फीसदी की गिरावट के साथ 74,781 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं निफ्टी 50 करीब 79 अंक टूटकर 23,398 के स्तर पर बंद हुआ। खास बात यह रही कि दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के निचले स्तर से काफी ऊपर आकर बंद हुए।
यानी सुबह जिस तरह बाजार में बिकवाली का दबाव दिखाई दे रहा था, उसके मुकाबले कारोबार के अंत में तस्वीर काफी हद तक बदल गई।
बैंकिंग और IT शेयरों ने संभाला बाजार
शेयर बाजार में सुबह की गिरावट के बाद रिकवरी कराने में बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों की बड़ी भूमिका रही।
सेंसेक्स पर HDFC Bank करीब 2.02 फीसदी की बढ़त के साथ 708 रुपये पर बंद हुआ। वहीं Tech Mahindra में 1.38 फीसदी की तेजी रही और इसका शेयर 1,539.50 रुपये पर बंद हुआ।
इसके अलावा HCL Tech, Eternal, Infosys, BEL, Trent, ITC, Kotak Bank, Adani Ports और IndiGo के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
ये शेयर रहे गिरावट में
दूसरी तरफ कुछ बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
- Tata Steel
- Reliance Industries
- Sun Pharma
- Bajaj Finance
- NTPC
- Power Grid
- Larsen & Toubro
इनमें करीब 1 से 1.67 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई बाजार की चिंता
भारतीय शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 103 डॉलर के ऊपर कारोबार करता नजर आया।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ाती है। इससे महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
इसी वजह से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई शुरुआती कारोबार में 3 फीसदी से ज्यादा टूट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी करीब 2.57 फीसदी नीचे कारोबार करता नजर आया।
सुबह बाजार में क्या हुआ था?
शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
सेंसेक्स करीब 593 अंक टूटकर 74,309 के स्तर पर खुला। कुछ ही मिनटों में इसकी गिरावट बढ़कर 709 अंक तक पहुंच गई और सेंसेक्स 74,193 के स्तर पर आ गया।
वहीं निफ्टी करीब 207 अंक की गिरावट के साथ 23,270 पर खुला और कुछ ही देर में 23,231 तक फिसल गया।
सुबह 9:45 बजे तक सेंसेक्स करीब 680 अंक नीचे था और 74,222 के आसपास कारोबार कर रहा था। इस दौरान Bajaj Finance, M&M, IndiGo, UltraTech, Tata Steel और Axis Bank जैसे शेयरों में दबाव दिखाई दिया।
ग्लोबल मार्केट का भी रहा दबाव
घरेलू बाजार पर विदेशी संकेतों का भी असर पड़ा। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को गिरावट रही। Dow Jones और S&P 500 करीब 0.6 फीसदी नीचे बंद हुए, जबकि Nasdaq में लगभग 0.65 फीसदी की गिरावट रही।
बढ़ती महंगाई और ट्रेजरी यील्ड में मजबूती के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
शुक्रवार का कारोबार बताता है कि बाजार में फिलहाल तेल की कीमत, वैश्विक तनाव और विदेशी बाजारों की चाल अहम भूमिका निभा रहे हैं।
हालांकि, दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स और निफ्टी की रिकवरी यह भी दिखाती है कि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी देखने को मिल रही है।
निवेशकों को ऐसे अस्थिर बाजार में जल्दबाजी के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल, सेक्टर की स्थिति और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल बाजार की जानकारी और विश्लेषण के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
