Jio Platforms IPO: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से जुड़े दस्तावेजों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई सूत्र के अनुसार, हाल ही में कंपनी ने दुनिया भर में संभावित निवेशकों के साथ बैठकें की थी। ये बैठकें अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, सिंगापुर और हांगकांग में हुई थीं। जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी तथा रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने इनका नेतृत्व किया। अब कंपनी आईपीओ के आगे की प्रक्रिया में जुट गई है।
तारीख और ग्रे मार्केट प्रीमियम
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ की तारीख अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है। हालांकि, बाजार की उम्मीदों के अनुसार इसे 2026 के आखिर में लॉन्च किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह आईपीओ दिवाली के आसपास या साल के आखिर तक बाजार में आ सकता है। वहीं, ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP तभी पता चलेगा जब कंपनी अपने IPO का प्राइस बैंड घोषित करेगी। उम्मीद है कि जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का प्राइस बैंड आधिकारिक तौर पर घोषित होने के बाद ग्रे मार्केट प्रीमियम सामने आएगा।
आईपीओ में शेयरहोल्डर्स के लिए कोटा
19 जून 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा फाइल किए गए ड्राफ्ट पेपर के अनुसार कंपनी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए एक शेयरहोल्डर रिजर्वेशन कैटेगरी का जिक्र किया है। हालांकि, इस कैटेगरी के तहत रिजर्व किए गए सटीक प्रतिशत का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। SEBI की समीक्षा और जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा अपना फाइनल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) फाइल करने के बाद ही इन विवरणों की पुष्टि होने की उम्मीद है।
सेबी की मंजूरी
अरबपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विस शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स को सेबी से अपने आईपीओ के साथ आगे बढ़ने की मंजूरी मिल गई है। सेबी ने 28 अगस्त को अपनी अंतिम टिप्पणियां जारी कीं, जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून में मार्केट रेगुलेटर के पास अपने ड्राफ्ट IPO पेपर फाइल किए थे।
कंपनी के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है, जो इश्यू के बाद की इक्विटी बेस का लगभग 2.9% है। आईपीओ में कंपनी की वैल्यूएशन लगभग $137 बिलियन हो सकती है।
कहां खर्च होंगे पैसे?
IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो Infocomm के करीब ₹27,500 करोड़ के बकाया कर्ज को चुकाने या पहले भुगतान करने में इस्तेमाल किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
बता दें कि जियो Infocomm भारत के टेलीकॉम बाजार में बड़ी हिस्सेदारी रखती है। कंपनी के मुताबिक, जून 2026 तक उसके करीब 50.6 करोड़ मोबाइल ग्राहक थे। मोबाइल बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 39.29 फीसदी बताई गई है। फिक्स्ड-लाइन बाजार में भी Jio की हिस्सेदारी करीब 32.89 फीसदी है।
