Stock Market में जोरदार उछाल: सेंसेक्स 1109 अंक चढ़कर 73000 पार बंद, निवेशकों की चांदी

मुख्य समाचार राष्ट्रीय व्यापार जगत

सेंसेक्स और निफ्टी ने आज शानदार प्रदर्शन किया है। सेंसेक्स 1109 अंक की तेजी के साथ 73000 के पार बंद हुआ है। मार्केट क्लोजिंग के वक्त पर सेंसेक्स 73033.78 अंक पर था। दिन का उच्चतम स्तर 73,045.67 अंक रहा है। बता दें, निफ्टी आज अपने डे हाई 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,721.95 अंक पर बंद हुआ है।

1-आईटी कंपनियों के शेयरों में उछाल

एचसीएल सहित आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। घरेलू आईटी कंपनियों में उछाल की वजह दुनिया भर में AI शेयरों में गिरावट है। एक बार फिर से निवेशकों का भरोसा भारतीय आईटी कंपनियों की तरफ बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

AI का चेहरा माने जाने वाले कोस्पी (Kospi) क्रैश कर गया। इसमें 6 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, जापान के निक्केकी में भी 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। सैमसंग जैसी कंपनियों के शेयरों का भी बुरा हाल है। एनालिस्ट ने भी ‘बबल’ की बात कही है। यही सब प्रमुख कारण हैं जिसकी वजह से भारतीय आईटी कंपनियों में तेजी दर्ज की जा रही है।

2- मजबूत होता रुपया

मंगलवार को रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति मजबूत हुई है। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 82 पैसे मजबूत हुआ है। जिसकी वजह से अब एक डॉलर की कीमत 94.96 रुपये हो गई है। सोमवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नॉन डिलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के नियमों में सख्ती कर दी थी। इससे पहले शनिवार को केंद्रीय बैंक ने तीन सरकारी तेल कंपनियों के लिए डेडीकेटेड डॉलर सप्लाई विंडो की जानकारी दी थी।

3- बॉन्ड यील्ड की रफ्तार पर ब्रेक

घरेलू शेयर बाजार के लिए बॉन्ड मार्केट से भी अच्छी खबर आई है। 10 ईयर यूएस बॉन्ड यील्ड गिरकर 5.2 प्रतिशत के नीचे आ गया। वहीं, 30 साल का बॉन्ड यील्ड गिरकर 5.56 प्रतिशत के स्तर पर आ गया। 2 ईयर बॉन्ड यील्ड 4.8 प्रतिशत के नीचे आ गया। बता दें, बॉन्ड मार्केट में जब तेजी होती है तब निवेशक अपना पैसा यहां इनवेस्ट करने लगते हैं। जिससे शेयर बाजार में नकारत्मक रुख देखा जाने लगता है।

4- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अमेरिका और रूस के बीच तेल समझौते की जानकारी जैसे ही ट्रंप ने दी वैश्विक स्तर पर इसका असर दिखने लगा। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बाजार में और रूसी तेल आ पाएगा। इन्हीं संभावनाओं की वजह से आज ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत लुढ़क गया। जिसके बाद दाम 105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। हालांकि, अब भी यह युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर की तुलना में काफी अधिक है।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *