भारतीय सिनेमा में इन दिनों ऐसी फिल्मों का दौर देखने को मिल रहा है, जिनकी कहानी सीधे लोगों की आस्था, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी है। खास बात यह है कि इन फिल्मों को बनाने में करोड़ों रुपये का भारी-भरकम बजट नहीं लगा, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इनकी कमाई ने बड़े बजट की फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया।
लोककथाओं, पौराणिक पात्रों, धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति को आधुनिक अंदाज में पेश करने वाली फिल्मों को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। यही वजह है कि कुछ फिल्मों ने अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई करके रिकॉर्ड कायम कर दिए।
आइए जानते हैं ऐसी ही 5 कम बजट की पौराणिक फिल्में, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की।
1. कांतारा
ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ साल 2022 में रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी कर्नाटक की स्थानीय संस्कृति, लोक-मान्यताओं और इंसान तथा प्रकृति के रिश्ते के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानी और स्थानीय परंपराओं का शानदार चित्रण रहा। क्षेत्रीय संस्कृति से जुड़ी कहानी होने के बावजूद फिल्म को देशभर के दर्शकों ने पसंद किया।
स्रोत के अनुसार, करीब 16 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘कांतारा’ ने दुनिया भर में लगभग 407 करोड़ रुपये की कमाई की।
यानी फिल्म ने अपने बजट के मुकाबले कई गुना ज्यादा कारोबार किया।
2. कार्तिकेय 2
निखिल सिद्धार्थ की ‘कार्तिकेय 2’ भी साल 2022 की चर्चित फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में पौराणिक रहस्य, इतिहास, एडवेंचर और थ्रिलर का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिला।
भगवान कृष्ण से जुड़े रहस्यों को रोमांचक कहानी के रूप में पेश करने की वजह से फिल्म को दर्शकों के बीच अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
शुरुआत में फिल्म का बाजार सीमित था, लेकिन दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ ने इसे दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाया।
स्रोत के मुताबिक, लगभग 15 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म ने दुनियाभर में करीब 117.87 करोड़ रुपये कमाए।
3. हनु-मैन
भारतीय पौराणिक कथाओं और सुपरहीरो सिनेमा का अनोखा मेल देखने को मिला प्रशांत वर्मा की ‘हनु-मैन’ में।
2024 में रिलीज हुई इस फिल्म ने भगवान हनुमान से जुड़ी आस्था और शक्तियों को एक आधुनिक सुपरहीरो कहानी के साथ जोड़ा। यही प्रयोग दर्शकों को काफी पसंद आया।
फिल्म ने सीमित बजट के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया।
स्रोत के अनुसार, करीब 40 करोड़ रुपये में बनी ‘हनु-मैन’ ने दुनियाभर में लगभग 295.29 करोड़ रुपये का कारोबार किया।
फिल्म की सफलता ने यह भी दिखाया कि भारतीय पौराणिक पात्रों को नए और आधुनिक अंदाज में पेश किया जाए तो दर्शक उसे स्वीकार कर सकते हैं।
4. महावतार नरसिंह
भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की कथा पर आधारित ‘महावतार नरसिंह’ ने पौराणिक सिनेमा को एक अलग दिशा दी।
इस फिल्म में एनिमेशन के माध्यम से धार्मिक और पौराणिक कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया गया। आधुनिक विजुअल्स और जानी-पहचानी धार्मिक कथा के मेल ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
स्रोत के अनुसार, करीब 40 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 326.82 करोड़ रुपये की कमाई की।
यह आंकड़ा बताता है कि एनिमेशन के जरिए भी भारतीय पौराणिक कहानियों को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।
5. हनुमान अंश
इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम ‘हनुमान अंश’ है। 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई यह फिल्म भक्ति-प्रधान कहानी पर आधारित है।
फिल्म में नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनसे जुड़े चमत्कारों को केंद्र में रखा गया है।
खास बात यह है कि फिल्म का बजट बेहद कम बताया गया है। स्रोत के मुताबिक, लगभग 2 करोड़ रुपये के प्रोडक्शन बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने भारत में 37 दिनों में करीब 173.63 करोड़ रुपये की कमाई की।
भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन लगभग 205.15 करोड़ रुपये बताया गया है। 11 सितंबर को फिल्म की दुनिया भर में रिलीज भी की गई।
अगर ये आंकड़े सही हैं, तो यह कम बजट में बनी फिल्मों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा सकती है।
कम बजट, लेकिन कहानी दमदार
इन पांच फिल्मों की सफलता से एक बात साफ दिखाई देती है कि बॉक्स ऑफिस पर केवल बड़ा बजट ही सफलता की गारंटी नहीं है।
दर्शकों को अगर कहानी अपनी संस्कृति, आस्था और भावनाओं से जुड़ी महसूस हो, तो वे फिल्म को बड़े स्तर पर समर्थन दे सकते हैं।
इन फिल्मों में सफलता के पीछे कई समान बातें नजर आती हैं:
- भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी कहानियां
- पौराणिक या लोककथाओं का आधुनिक प्रस्तुतीकरण
- मजबूत कहानी और भावनात्मक जुड़ाव
- दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
- सीमित बजट में बेहतर विजुअल और कहानी
- अलग-अलग जॉनर में भारतीय धार्मिक कथाओं का इस्तेमाल
बॉक्स ऑफिस पर बदल रहा है दर्शकों का मूड
‘कांतारा’ ने लोक संस्कृति को बड़े स्तर पर पहचान दिलाई, ‘कार्तिकेय 2’ ने पौराणिक रहस्य को एडवेंचर के साथ जोड़ा, ‘हनु-मैन’ ने धार्मिक कहानी को सुपरहीरो शैली में पेश किया और ‘महावतार नरसिंह’ ने एनिमेशन का सहारा लिया।
वहीं ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्म ने बेहद कम बजट में भक्ति-प्रधान कहानी के जरिए दर्शकों तक पहुंच बनाने का उदाहरण पेश किया है।
यही वजह है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अब ऐसी कहानियों को लेकर निर्माताओं का भरोसा बढ़ रहा है।
