नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम के सामने टॉप ऑर्डर को लेकर बड़ी दुविधा खड़ी हो गई है। ओपनिंग की दो जगहों के लिए तीन मैच विनर खिलाड़ी दावेदारी पेश कर रहे हैं—अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि टीम मैनेजमेंट किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरता है। क्या अभिषेक शर्मा पर भरोसा कायम रहेगा? क्या अनुभवी संजू सैमसन को मौका मिलेगा? या फिर शानदार घरेलू प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को सीधे प्लेइंग-11 में शामिल किया जाएगा?
सूर्यवंशी की एंट्री ने बढ़ाई चयन की उलझन
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से कम समय में खास पहचान बनाई है। उनका आक्रामक अंदाज टी20 क्रिकेट के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। वह पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं।
हालिया घरेलू प्रदर्शन और दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की खिताबी जीत में योगदान के बाद उनकी दावेदारी और मजबूत हुई है। ऐसे में भारतीय टीम के सामने एक ऐसा विकल्प मौजूद है, जिसे नजरअंदाज करना अब आसान नहीं होगा।
ओपनिंग के लिए तीन बड़े दावेदार
भारत के सामने फिलहाल तीन प्रमुख विकल्प हैं:
- अभिषेक शर्मा: बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज और स्थापित टी20 मैच विनर।
- संजू सैमसन: अनुभव, विकेटकीपिंग और विस्फोटक बल्लेबाजी का विकल्प।
- वैभव सूर्यवंशी: युवा और बेखौफ बल्लेबाज, जो पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
ओपनिंग की सिर्फ दो जगह हैं। ऐसे में तीनों खिलाड़ियों को एक साथ शीर्ष क्रम में फिट करना टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
क्या अभिषेक शर्मा होंगे बाहर?
अभिषेक शर्मा को टीम मैनेजमेंट लगातार समर्थन देता आया है। उनकी बाएं हाथ की बल्लेबाजी टीम को अलग तरह का संतुलन देती है। इसके अलावा पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता भी भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ऐसे में अगर वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाता है तो अभिषेक को बाहर रखना काफी बड़ा फैसला होगा। टीम मैनेजमेंट शायद उनके हालिया प्रदर्शन और भविष्य की योजना को देखते हुए उन्हें एक और मौका देना चाहेगा।
संजू सैमसन का अनुभव भी बड़ा हथियार
संजू सैमसन के पक्ष में उनका लंबा अनुभव है। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा आईपीएल में भी कई बार अपनी मैच जिताने की क्षमता साबित कर चुके हैं।
विकेटकीपिंग का विकल्प होने के कारण संजू टीम संयोजन में अतिरिक्त उपयोगिता भी प्रदान करते हैं। हालांकि, अगर टीम किसी विशेषज्ञ ओपनिंग संयोजन को प्राथमिकता देती है, तो उनके स्थान को लेकर सवाल उठ सकता है।
अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड शानदार
भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए टी20 मुकाबलों में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। अब तक पूरे हुए मैचों में भारत ने 8-0 की बढ़त बना रखी है।
लेकिन इस सीरीज में भारत सिर्फ रिकॉर्ड बचाने के लिए नहीं उतरेगा। टीम के लिए यह भविष्य की टी20 रणनीति को मजबूत करने का भी अहम मौका है।
अफगानिस्तान के पास कई अनुभवी और आईपीएल में नियमित रूप से खेलने वाले खिलाड़ी हैं। इनमें रहमानुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, राशिद खान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी और नवीन-उल-हक जैसे नाम शामिल हैं।
दिल्ली में आक्रामक बल्लेबाजी को मिल सकता है फायदा
तीनों टी20 मुकाबले अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं। दिल्ली की पिच पर अक्सर बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका मिलता है। ऐसे में भारत की आक्रामक बल्लेबाजी रणनीति के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
सीरीज का कार्यक्रम:
- 13 सितंबर — पहला टी20
- 15 सितंबर — दूसरा टी20
- 17 सितंबर — तीसरा टी20
पहले मैच की प्लेइंग-11 सामने आते ही सबसे ज्यादा चर्चा ओपनिंग जोड़ी को लेकर होने की उम्मीद है।
सही कॉम्बिनेशन चुनना सबसे बड़ी चुनौती
आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 मुकाबलों में मिली हार ने टीम के सही संयोजन की जरूरत को और स्पष्ट किया है। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड भले ही एकतरफा रहा हो, लेकिन टी20 क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
भारत को बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी विभाग में भी संतुलन बनाना होगा। चोट से वापसी कर रहे खिलाड़ियों की उपलब्धता भी प्लेइंग-11 के समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
वैभव को मौका मिला तो बनेगा बड़ा संकेत
अगर भारतीय टीम वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा या संजू सैमसन में से किसी एक के स्थान पर मौका देती है, तो यह भारतीय टी20 क्रिकेट में नई पीढ़ी पर भरोसे का बड़ा संकेत होगा।
वहीं, अगर टीम मैनेजमेंट अनुभव और मौजूदा सेटअप को प्राथमिकता देता है, तो वैभव को डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
फिलहाल तीनों खिलाड़ियों की दावेदारी मजबूत है। यही वजह है कि अफगानिस्तान के खिलाफ पहला टी20 शुरू होने से पहले भारत की ओपनिंग जोड़ी सबसे बड़ा सस्पेंस बनी हुई है। सीरीज न सिर्फ भारत के अजेय रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने का मौका है, बल्कि यह भी तय कर सकती है कि टीम अपनी अगली पीढ़ी के टी20 मैच विनर्स को किस तरह तैयार करना चाहती है।
