शेयर बाजार में मंगलवार को जहां कई शेयरों पर दबाव देखने को मिला, वहीं टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी HFCL के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी नजर आई। कंपनी के शेयर कारोबार के दौरान करीब 5 प्रतिशत तक चढ़कर 255 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। यह 255.05 रुपये के अपर सर्किट से महज कुछ पैसे नीचे था।
खास बात यह है कि इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में भी HFCL शेयर 5 प्रतिशत के अपर सर्किट पर बंद हुए थे। इस तरह तीन कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 16 प्रतिशत तक मजबूत हो चुका है। खबर लिखे जाने तक शेयर करीब 4.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 253 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।
बड़े ऑर्डर से मजबूत हुआ शेयर का सेंटीमेंट
HFCL टेलीकॉम के साथ-साथ डिफेंस और रेलवे सेक्टर के लिए भी काम करती है। कंपनी हाई-स्पीड और सिक्योर कम्युनिकेशन नेटवर्क से जुड़े प्रोडक्ट्स और डिजिटल नेटवर्क सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।
हालिया तेजी की एक बड़ी वजह कंपनी को मिल रहे बड़े ऑर्डर्स को माना जा रहा है। 1 सितंबर 2026 को कंपनी ने एक ग्राहक के साथ लॉन्ग टर्म सप्लाई एग्रीमेंट किया था। इसके तहत कंपनी को करीब 2,329 करोड़ रुपये के ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई करनी है।
इससे पहले 17 जून 2026 को HFCL को RVNL से उत्तर प्रदेश वेस्ट टेलीकॉम सर्किल में BharatNet Phase-3 प्रोजेक्ट के लिए करीब 2,666.09 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। लगातार बड़े ऑर्डर मिलने से निवेशकों के बीच कंपनी के कारोबार और भविष्य की ग्रोथ को लेकर सेंटीमेंट मजबूत हुआ है।
कमाई के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत
HFCL के वित्तीय नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय 5,014.52 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज 4,122.28 करोड़ रुपये के मुकाबले 21.6 प्रतिशत अधिक है।
इसी अवधि में कंपनी का PAT यानी शुद्ध मुनाफा 90.1 प्रतिशत बढ़कर 329.44 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं EBITDA में भी मजबूत वृद्धि हुई और यह 63.15 प्रतिशत बढ़कर 826.75 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने डिफेंस कारोबार में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। इसके पोर्टफोलियो में थर्मल वेपन साइट्स, इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज और रडार जैसे उत्पाद शामिल हैं। टेलीकॉम के साथ डिफेंस और रेलवे कारोबार में विस्तार कंपनी के लिए आगे ग्रोथ के नए अवसर खोल सकता है।
डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट पर भी निवेशकों की नजर
HFCL के शेयर को लेकर बाजार में चर्चा की एक वजह डिविडेंड भी है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 0.20 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
हालांकि, डिविडेंड का भुगतान शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही किया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए 22 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। वहीं कंपनी की AGM 29 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।
रिकॉर्ड डेट नजदीक आने के कारण भी शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि, केवल डिविडेंड के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता।
एक्सपर्ट ने बताई खरीदारी और सावधानी की रणनीति
तेजी से बढ़े HFCL शेयर को लेकर बाजार विशेषज्ञों की राय भी सामने आई है। ग्लोब कैपिटल मार्केट के विपिन कुमार के मुताबिक शेयर का ट्रेंड फिलहाल मजबूत दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, अगर शेयर में गिरावट आती है तो 210 से 230 रुपये के बीच खरीदारी का अवसर बन सकता है।
वहीं आनंद राठी के वरिष्ठ प्रबंधक जिगर एस. पटेल ने निवेशकों को कुछ सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके मुताबिक 232 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 257 रुपये के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
इसका मतलब यह है कि मौजूदा स्तरों पर नए निवेशकों को तेजी का पीछा करने के बजाय जोखिम और वैल्यूएशन को ध्यान में रखना चाहिए। वहीं पहले से निवेश कर चुके निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार कुछ मुनाफा सुरक्षित करने पर विचार कर सकते हैं।
52 हफ्ते में 59.83 रुपये से 257 रुपये तक पहुंचा शेयर
HFCL शेयर ने इस साल बेहद तेज प्रदर्शन किया है। 31 अगस्त 2026 को शेयर ने 257 रुपये का 52-वीक हाई बनाया था। इसके मुकाबले 23 जनवरी 2026 को शेयर 59.83 रुपये के 52-वीक लो तक पहुंचा था।
रिटर्न की बात करें तो शेयर ने पिछले एक हफ्ते में करीब 7 प्रतिशत, एक महीने में 21.55 प्रतिशत और छह महीने में करीब 262 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
एक साल की अवधि में शेयर करीब 256 प्रतिशत, तीन साल में 233 प्रतिशत, पांच साल में 238 प्रतिशत और 10 साल में करीब 1,434 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है।
हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बढ़ जाता है। अपर सर्किट में लगातार बढ़ने वाले शेयरों में किसी भी समय मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। इसलिए निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए। पिछला रिटर्न भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता।
