नयी दिल्ली, राज्य सभा ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के बहिर्गमन के बीच सोमवार को ‘ बैंककार बही साक्ष्य विधेयक-2026’ को बिना किसी संशोधन के मंजूरी प्रदान कर दी। इसके साथ ही बैंकों के बही-खातों के डिजिटल रिकार्ड को कानूनी मान्यता देने वाले इस इस विधेयक पर संसद की मुहर लग गयी है।
इस विधयेक को लोक सभा में पिछले सप्ताह में पारित किया गया था। यह विधेयक अधिनियमित हो जाने के बाद बैंकों की बही को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किये जाने संबंधी 1891 के कानून की जगह लेगा।
इस विधेयक में पुराने कानून के निरस्तीकरण का भी प्रावधान है।
विधेयक पर संक्षिप्त बहस के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदस्यों द्वारा उठाये गये मुद्दों का स्पष्टीकरण दिया। वित्त मंत्री के जवाब के बाद इस विधेयक के विभिन्न उपबंधों के संबंध में प्रस्तुत संशोधनों को ध्वनिमत से निरस्त करते हुए सदन ने विधेयक पारित किये जाने के वित्त मंत्री के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
इससे पहले एक के बाद एक कुछ विपक्षी सदस्यों ने विधेयक पर चर्चा के लिए बुलाये जाने पर दिल्ली में युवाओं पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृहमंत्री जवाब की मांग उठाने का प्रयास किया और सदन में हंगामा होता रहा।
उपसभापति हरिवंश ने विभिन्न नियमों का हवाला देते हुए उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में कांग्रेस , समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गये थे।
