भुट्टे के रेशे: जिसे कूड़ा समझकर फेंक देते हैं, वही बना सकता है सेहत का साथी; जानें चाय के फायदे और तरीका

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बरसात के मौसम में गर्मागर्म भुट्टा खाना हर किसी को पसंद होता है। नींबू और मसाले के साथ भुना हुआ भुट्टा स्वाद में तो लाजवाब होता ही है, लेकिन इसे साफ करते समय लोग अक्सर इसके ऊपर लगे पतले-पतले रेशों को बेकार समझकर फेंक देते हैं।

दरअसल, ये रेशे यानी कॉर्न सिल्क (Corn Silk) कई पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। पारंपरिक घरेलू उपायों में इनका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। इनसे तैयार की गई चाय को हल्का और स्वास्थ्यवर्धक पेय माना जाता है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि भुट्टे के रेशे किसी बीमारी का इलाज नहीं हैं, बल्कि इन्हें केवल एक सहायक घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

भुट्टे के रेशों में पाए जाते हैं ये पोषक तत्व

भुट्टे के रेशों में कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। इनमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • फाइबर
  • थोड़ी मात्रा में प्रोटीन
  • विटामिन
  • मिनरल्स
  • एंटीऑक्सीडेंट गुण

इसी कारण कई लोग इसे हर्बल ड्रिंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

कॉर्न सिल्क की चाय पीने के संभावित फायदे

1. शरीर की सूजन कम करने में मदद

भुट्टे के रेशों में पाए जाने वाले कुछ प्राकृतिक तत्व शरीर में होने वाली हल्की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

अगर शरीर में कभी-कभी सूजन या भारीपन महसूस होता है, तो यह एक सहायक पेय के रूप में लिया जा सकता है।

2. पेशाब संबंधी परेशानी में राहत

घरेलू नुस्खों में भुट्टे के रेशों की चाय का इस्तेमाल पेशाब से जुड़ी हल्की परेशानियों में किया जाता रहा है।

यह शरीर में अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद कर सकती है, जिससे कुछ लोगों को राहत महसूस हो सकती है।

3. ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक

कुछ अध्ययनों में संकेत मिले हैं कि कॉर्न सिल्क शरीर में शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।

लेकिन—

  • इसे डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
  • मधुमेह के मरीज डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें।

4. किडनी से जुड़ी परेशानियों में उपयोग

कई लोग किडनी स्टोन या पेशाब संबंधी समस्या में भुट्टे के रेशों की चाय का सेवन करते हैं।

हालांकि, किडनी की बीमारी या गंभीर समस्या होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

5. शरीर को एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट

भुट्टे के रेशों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।

भुट्टे के रेशों की चाय बनाने का आसान तरीका

घर पर कॉर्न सिल्क टी बनाना काफी आसान है।

सामग्री

  • एक मुट्ठी ताजे भुट्टे के रेशे
  • दो कप पानी

बनाने की विधि

  • सबसे पहले भुट्टे के रेशों को अच्छी तरह साफ करके धो लें।
  • एक बर्तन में दो कप पानी गर्म करें।
  • इसमें रेशे डालकर 2 से 3 मिनट तक उबालें।
  • अब पानी को छान लें।
  • इसे हल्का गर्म या ठंडा करके पी सकते हैं।

स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें—

  • थोड़ा नींबू का रस
  • एक चुटकी दालचीनी

मिलाई जा सकती है।

दिन में कितनी मात्रा में पीना चाहिए?

आमतौर पर दिन में एक कप भुट्टे के रेशों की चाय पर्याप्त मानी जाती है।

जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में यह शरीर में पानी की कमी या अन्य समस्या पैदा कर सकता है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

कुछ लोगों को भुट्टे के रेशों की चाय पीने से पहले सावधानी रखनी चाहिए।

इन लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए—

  • गर्भवती महिलाएं
  • हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोग
  • किडनी रोग से पीड़ित व्यक्ति
  • पेशाब बढ़ाने वाली दवा लेने वाले लोग

भुट्टे के रेशे फेंकने से पहले जरूर सोचें

भुट्टे के रेशे भले ही देखने में बेकार लगें, लेकिन इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण इन्हें उपयोगी बना सकते हैं। सही तरीके और सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने पर कॉर्न सिल्क टी शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकती है।

लेकिन किसी भी घरेलू उपाय की तरह इसे भी सावधानी के साथ अपनाना जरूरी है। अगर आपको कोई पुरानी बीमारी है या नियमित दवाएं चल रही हैं, तो सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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