छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बंगाल की खाड़ी और ओडिशा के ऊपर बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बारिश के चलते गरियाबंद जिले में एक गौठान चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया, जहां एक परिवार घंटों तक फंसा रहा। वहीं प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हादसों और जलभराव की खबरें भी सामने आई हैं।
गरियाबंद में गौठान बना टापू, परिवार का सुरक्षित रेस्क्यू
गरियाबंद जिले के सुहागपुर गौठान में बाढ़ का पानी भर जाने से एक परिवार फंस गया। परिवार के साथ 5, 3 और 2 वर्ष के तीन छोटे बच्चे भी मौजूद थे।
नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद देर रात सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि गौठान में मौजूद करीब 300 गायें अब भी पानी से घिरी हुई हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने की तैयारी की जा रही है।
कई जिलों में बारिश से बढ़ीं मुश्किलें
लगातार बारिश का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिला—
- रायपुर में कई सड़कों पर जलभराव।
- बीजापुर के चोखनपाल-गंगालूर मार्ग पर पुल नहीं होने से आवागमन प्रभावित।
- कई ग्रामीण इलाकों में नाले और नदी उफान पर।
- निचले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह।
चार दिन बाद मिला दंपती का शव
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 26 जुलाई को उफनते नाले में बह गए उप सरपंच और उनकी पत्नी का शव चार दिन बाद बरामद किया गया।
पंजाब से बुलाई गई विशेष रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर कार का पता लगाया, जिसमें दोनों के शव मिले।
बिजली गिरने से 8 मवेशियों की मौत
बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के लिमहाटोला गांव में आकाशीय बिजली गिरने से—
- 6 गाय
- 1 बैल
- 1 बछड़े
की मौत हो गई। घटना के समय चरवाहा 100 से अधिक मवेशियों को चरा रहा था, लेकिन वह सुरक्षित बच गया। पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत
लगातार बारिश के बीच गरियाबंद जिले में उफनते सरगी नाले को पार करते समय एक व्यक्ति बह गया। बाद में उसका शव कई किलोमीटर दूर मिला।
वहीं सक्ती जिले के दमाऊधारा में तेज बहाव में लापता हुए युवक का शव करीब 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद किया गया।
बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
लगातार बारिश के कारण कई जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है।
- सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
- पैरी नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जारी की गई।
- धमतरी में सोंढूर डैम के सभी गेट खोल दिए गए।
- सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
मौसम विभाग ने क्यों जारी किया अलर्ट?
IMD के अनुसार, छत्तीसगढ़ और उत्तर आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डीप डिप्रेशन पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी प्रदेश में पहुंच रही है।
साथ ही मानसून ट्रफ भी सक्रिय है, जिसके कारण—
- रायपुर संभाग
- दुर्ग संभाग
- बस्तर संभाग
में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
इस सीजन में कितनी हुई बारिश?
1 जून से 29 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार—
- औसत वर्षा: 477.8 मिमी
- सामान्य वर्षा: 544.6 मिमी
- राज्य में कुल वर्षा की कमी: 12 प्रतिशत
हालांकि IMD के मानकों के अनुसार यह अभी भी ‘सामान्य’ श्रेणी में है।
सबसे अधिक वर्षा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई, जहां सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- नदी, नालों और पुलों को पार करने से बचें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें।
- बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
- बांधों के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।
मुख्य बातें
- छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट।
- गरियाबंद में बाढ़ से घिरे गौठान से परिवार का सुरक्षित रेस्क्यू।
- गौठान में 300 गायें अब भी पानी के बीच फंसी हुई हैं।
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में चार दिन बाद दंपती का शव मिला।
- बालोद में बिजली गिरने से 8 मवेशियों की मौत।
- सिकासार और सोंढूर बांधों से पानी छोड़ा गया।
- राज्य में अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज।
