बताया गया कि दिपके जंतर-मंतर पर सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी महिला ने अचानक उनके ऊपर स्याही फेंक दी। इसके बाद वहां मौजूद समर्थक मंच की ओर पहुंच गए और विरोध स्थल पर हंगामा शुरू हो गया।
प्रदर्शन स्थल पर बढ़ा तनाव
CJP कार्यकर्ता कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर 6 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन की मांग है कि इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि स्याही फेंकने वाली महिला की पहचान और घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद बढ़ी हलचल
यह घटना उस समय हुई जब पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वांगचुक जंतर-मंतर पर करीब 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। स्वास्थ्य स्थिति खराब होने के बाद उन्हें चिकित्सकीय सलाह और अदालत के निर्देशों के बाद अस्पताल ले जाया गया।
इसके बाद अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए अपना उपवास शुरू करने की घोषणा की।
दिपके ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं होगा और विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने घोषणा की कि—
- वह स्वयं भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
- 20 जुलाई को संसद मार्च की योजना जारी रहेगी।
- प्रदर्शन को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी।
हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च करने की घोषणा की है। यह मार्च संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, संगठन ने अभी तक इस मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संसद सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से अनुमति मिलने की संभावना कम है।
हाईकोर्ट ने वांगचुक की सेहत पर दिए थे निर्देश
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए थे।
अदालत ने कहा था कि प्रत्येक नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
NEET मामले को लेकर जारी है विरोध
NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छात्र संगठन और विभिन्न समूह इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच स्याही फेंकने की घटना ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। अब सभी की नजर 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।
