रायपुर। CM साय से पद्मश्री सम्मानित डॉ सुनीता गोडबोले और डॉ रामचंद्र गोडबोले ने मुलाकात की। सीएम ने कहा, बस्तर और जनजातीय समाज के प्रति उनके अद्भुत समर्पण को और गहराई से समझने का अवसर मिला।
चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में जनजातीय समाज के बीच रहकर उन्होंने जिस निस्वार्थ भाव से स्वास्थ्य, शिक्षा, जागरूकता और मानवीय सेवा का कार्य किया है, वह केवल सेवा नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और समर्पण की जीवंत मिसाल है।
मुझे यह जानकर विशेष प्रसन्नता और आत्मीय संतोष हुआ कि उन्होंने बस्तर को केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि अपना परिवार माना है। गोंडी और हल्बी में संवाद करते हुए स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जनजीवन से उनका गहरा जुड़ाव इस बात का प्रमाण है कि विश्वास और अपनत्व किसी भी परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।
डॉ. सुनीता गोडबोले जी एवं डॉ. रामचंद्र गोडबोले जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। उनका यह समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सेवा, संवेदना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का मार्ग दिखाता रहेगा।
