जल्द ही भगवान जगन्नाथ दर्शन देंगे। नवयौवन रूप में भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवयौवन दर्शन अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। 15 दिनों तक अनासर काल (एकांतवास) में रहने और औषधीय उपचार के बाद भगवान अपने नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। इस अवधि में मंदिर का पट बंद रहने के कारण श्रद्धालु दर्शन से वंचित रहे हैं। उत्कल सेवा समिति की ओर से नवयौवन दर्शन को लेकर मंदिर परिसर को फूल-मालाओं और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जा रहा है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को भी विशेष पुष्प श्रृंगार से अलंकृत किया जाएगा।
भगवान कब देंगे दर्शन?
14 जुलाई के दिन जगन्नाथ भगवान दर्शन देंगे। मंगलवार के दिन सुबह में भगवान जगन्नाथ का शृंगार किया जाएगा। श्वेत वस्त्र में भगवान दर्शन देंगे। मंगला आरती के साथ जगन्नाथ भगवान दर्शन देंगे। नवयौवन रूप में भगवान के दर्शन भक्त शयन आरती तक कर सकेंगे।
किन चीजों का लगेगा भोग?
मंगलवार के दिन जगन्नाथ भगवान को परवल की मिठाई, परवल जूस समेत अन्य व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।
कब होगी प्राण-प्रतिष्ठा?
14 जुलाई को भगवान को अंतगृह से बाहर लाया जाएगा। दोपहर 12 बजे से नेत्र उत्सव शुरू होगा, जो तीन बजे तक चलेगा। तीन बजे से प्राण-प्रतिष्ठा का अनुष्ठान हो जाएगा। शाम में आरती होगी। इसके बाद रथ यात्रा की तैयारी तेज हो जाएगी।
कब निकलेगी भव्य यात्रा?
आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया के अवसर पर 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा और भगवान सुदर्शन अपने सिंहासन से उतरकर रथ पर विराजमान होंगे। हजारों श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। रथयात्रा के बाद भगवान नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में प्रवास करेंगे और इसके पश्चात घूरती रथयात्रा के दिन पुनः मुख्य मंदिर लौटेंगे। रथ यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भगवान के रथ को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। रथ पर लगाने के लिए विशेष पीला कपड़ा ओडिशा से मंगाया गया है, जबकि उसे लाल और पीले रंगों से रंगकर भव्य स्वरूप दिया गया है। भगवान के वस्त्र पुरी से तथा रथ और मंदिर सजावट के लिए फूल कोलकाता से मंगाए गए हैं। रथ के चारों ओर भगवान विष्णु के दशावतारों का सुंदर चित्रण किया गया है, जिसमें वामन, नरसिंह समेत अन्य अवतारों को दर्शाया गया है। पुरी से आए आकर्षक पीले वस्त्रों से सुसज्जित रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा। समिति को उम्मीद है कि नवयौवन दर्शन और रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
