उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने सौतेले भाई प्रतीक यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को “बहुत दुखद” बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “श्री प्रतीक यादव का गुज़रना बहुत दुखद है। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति दे। विनम्र श्रद्धांजलि।” उनके इस संदेश के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर देखी गई।
जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव की उम्र 38 वर्ष थी। बताया जा रहा है कि वे अचानक बीमार पड़ गए थे, जिसके बाद उन्हें सुबह-सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद अखिलेश यादव स्वयं सिविल अस्पताल पहुंचे और बाद में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भी गए, जहां उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम किया जाना था। इस दौरान अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और कई समर्थक एवं पार्टी कार्यकर्ता भी वहां मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि वह प्रतीक यादव को बचपन से जानते थे और उनके निधन से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रतीक हमेशा अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क रहते थे और जीवन में आगे बढ़कर कुछ अच्छा करने की इच्छा रखते थे। उनके अनुसार, यह एक बेहद दुखद और अचानक हुई घटना है।
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और कई राजनीतिक नेताओं ने भी संवेदना व्यक्त की है।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर शोक संदेश साझा किए हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अखिलेश यादव और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में साथ खड़े रहने की बात कही है।
इस घटना के बाद लखनऊ में भी शोक का माहौल है। राजनीतिक हलकों में इसे एक व्यक्तिगत और भावनात्मक क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
