प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के जीवन के लिए एक बड़ा अवसर बनने जा रहा है, जो महिलाओं को संसद तक पहुंचने का रास्ता आसान बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा, “हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है, एक ऐसा इतिहास जो अतीत के सपनों को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।”
महिला आरक्षण बिल की पारित होने की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद के विशेष सत्र का ऐलान किया, जिसमें महिला आरक्षण बिल पर बहस की जाएगी। इस विधेयक के संसद में पारित होने की संभावना पर मोदी ने कहा, “यह 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक है, जो नारी शक्ति को समर्पित है।”
- महिला आरक्षण बिल के लिए सभी दलों का समर्थन है, जो इसे एक ऐतिहासिक कदम मानते हैं।
- सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि महिला आरक्षण को 2029 तक लागू किया जाएगा।
महिलाओं का सशक्तिकरण: पीएम मोदी का दृष्टिकोण
पीएम मोदी ने इस विधेयक को महिलाओं के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “हमारी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है, और अब उनकी भूमिका राजनीति में और भी अहम हो गई है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह “गृहस्थ नहीं हैं, लेकिन महिलाओं की समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं।”
मोदी ने महिलाओं के लिए आरक्षण के बारे में कहा, “यह विचार दशकों से चर्चित रहा है, और अब यह हकीकत बनने जा रहा है।”
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: विपक्ष का समर्थन
प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक बिल के लिए विपक्षी दलों द्वारा समर्थन की सराहना करते हुए कहा, “जब 2023 में यह अधिनियम पेश किया गया, तो सभी दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया।” उन्होंने यह भी बताया कि विशेष रूप से विपक्षी दलों ने इस बिल के लिए जोरदार समर्थन दिया था और इसे 2029 तक लागू करने की बात कही थी।
नारी शक्ति के प्रति समर्पण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने वाला कानून है, और यह ऐतिहासिक फैसले का हिस्सा बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून केवल एक सामाजिक न्याय की दिशा में कदम नहीं है, बल्कि यह समतावादी भारत के निर्माण की दिशा में भी अहम कदम है।
