वाशिंगटन/तेहरान, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के साथ शुरू हुआ अमेरिका-ईरान संघर्ष 40 दिन के बाद संघर्षविराम पर पहुंच गया है।
इजरायल ने भी ईरान के साथ संघर्षविराम पर सहमति जताई है, लेकिन इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने यह भी कहा है कि वह लेबनान में अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के समयानुसार शाम 06:32 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के 4:02 बजे) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि वह ईरान पर नियोजित सैन्य हमलों को दो सप्ताह की अवधि के लिए स्थगित कर देंगे।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी कुछ घंटे बाद संघर्षविराम की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगा।
संघर्षविराम की मध्यस्थता की पहल करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी दो सप्ताह के संघर्षविराम की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान 10 अप्रैल से इसे अंतिम रूप देने के लिए शांति वार्ता करेंगे।
श्री ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित सैन्य हमलों को दो सप्ताह के लिए स्थगित किया जा रहा है ताकि वार्ता आगे बढ़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह “दोनों पक्षों का संघर्षविराम” होगा और अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पहले ही हासिल कर चुका है।
श्री ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर और इस शर्त पर कि इस्लामिक गणराज्य ईरान ‘होर्मुज़ जलडमरूमध्य’ को पूरी तरह, तत्काल और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, मैं दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को स्थगित करने पर सहमत हूं।”
उन्होंने बताया कि यह निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद लिया गया, जिन्होंने संयम बरतने की अपील की थी। श्री ट्रंप ने कहा कि संघर्षविराम इस शर्त पर आधारित है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत होगा।
उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से मिले 10-सूत्री प्रस्ताव को वार्ता के लिए “व्यावहारिक आधार” माना गया है और अधिकांश मतभेदों को सुलझा लिया गया है। इस बीच, श्री अराघची ने पुष्टि की कि ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम के लिए सहमत है और इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। श्री अराघची ने युद्धविराम में भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने एक्स पर कहा, “इस्लामिक गणराज्य ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर के क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करता हूं।”
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता शुरू होगी। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह वार्ता युद्ध का अंत नहीं है और यदि किसी भी पक्ष की ओर से उल्लंघन हुआ तो ईरान कड़ा जवाब देगा।
दूसरी ओर, श्री शरीफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “अत्यंत विनम्रता के साथ, मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि इस्लामिक गणराज्य ईरान और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लेबनान और अन्य स्थानों सहित हर जगह तत्काल संघर्षविराम के लिए सहमत हो गए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।”
उन्होंने कहा, “मैं इस विवेकपूर्ण कदम का हार्दिक स्वागत करता हूं और दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही, मैं उनके प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आमंत्रित करता हूं, ताकि सभी विवादों को सुलझाने के लिए एक निर्णायक समझौते हेतु आगे की बातचीत की जा सके।”
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, लेकिन अब संघर्षविराम और प्रस्तावित वार्ता से कूटनीतिक समाधान की संभावना बनी है।
